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कोर्ट पर चला रूंठों को मनाने का और अपनों को दौड़ाने का दौर

कोर्ट पर चला रूंठों को मनाने का और अपनों को दौड़ाने का दौर
हाथरस 13 अपै्रल। अपनों को दौड़ाने का और रुठों को मनाने के दौर ने ऐसा तूल पकड़ा है कि काले कोट की जमात में नेतागीरी का रंग चढ़कर रह गया है। काले देवता के दरबार (बलभद्र) के नीचे बसे निर्णय खाने में प्रमुख के पदों पर अपनी प्रतिष्ठा लगाए बैठे उम्मीदवारों के समर्थक और वह खुद अपने करों को जोड़कर इस वक्त विनम्रता के दायरे में ही नजर आ रहे हैं। इन सभी वक्त केवल 27 अपै्रल तक का है। क्योंकि मतों का तान करने के लिए 28 तारीख को मुकर्रर किया गया है।
विदित हो कि 28 को अधिवक्ताओं की जिले में सबसे बड़ी संस्था ‘डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन’ के अध्यक्ष व सचिव सहित 9 पदों के लिए चुनाव होना है। इस होने वाले वार्षिक चुनाव के लिए मान व प्रतिष्ठा का हर वर्ष ही सवाल खड़ा होता है। इस वर्ष भी जो उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। वह कही पर डिफीट खाना नहीं चाहते हैं। इसलिए उनके लिए क्या रात और क्या दिन। कुल मिलाकर एक-एक वोट के लिए जमकर घात लगाई जा रही है। हालात यह हैं कि जो अपने हैं उनको एक-एक वोट के लिए कोर्ट के अलावा गांव, देहात, बाजार और मोहल्लों सभी जगह दौड़ाया जा रहा है। हालात यह हैं कि दिन में अधिवक्ताआ मतदाताओं के चैंबरों और विस्तरों पर नित्यप्रति अटैंडेंस लगाई जा रही है जबकि कचहरी टाइम के बाद देर रात तक घरों की खाक भी यह अधिवक्ता उम्मीदवार छान रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि जिससे बात करना भी पसंद नहीं किया जाता था उसके मनामने भी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाता जो खिन्न यानि नाराज दिखाई दे रहे हैं। उनके अंदर की हौवीज टटोली ला रही है और उनको मनाने के लिए हर प्रयत्न और नाकाम कोशिश को भी कामयाव करने में लगे हैं। यह ही नहीं अपने इष्ठों के दरबार में मन्नतें बोली जा रही हैं तो मंदिरों और दरगाहों पर भी सफलता के लिए बोली लगाई जा रही है। कुल मिलाकार अपनों को दौड़ाने और रूठों को मनाने के दौर ने अब तेजी पकड़ली है।

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