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कोख में कत्ल को रोकने के लिए सभी को होना होगा जागरूक और लेनी होगी स्वयंम की जिम्मेदारी

हाथरस के रामचंद्र कन्याइंटर कॉलेज में मुख्य दंडाधिकारी के उद्गार
UP (India) 29 April। कन्या भ्रूण हत्या समाज में कलंक है। आखिर हम लोग अजन्मी कल्या का कोख में ही कत्ल क्यों करते हैं। कन्या भू्रण हत्या पर अंकुश लागाना होगा और इसके लिए हम सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी। अगर व्यक्ति गरीब ह और उसको कानूनी सहायता की आवश्यकता है तो उसके लिए प्राधिकरण में निःशुल्क सहायता प्रदान करने की व्यवस्था है।
यह उद्गार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विनय आर्या ने जिला हाथरस के रामचंद्र कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक शिविर में बोलते हुए छात्राओं और अध्यापिकाओं को दी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण में गरीब व्यक्ति, महिला, बच्चे और जातिय हिंसा, बाढ़, सूखा व जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही समय-समय पर आयोजित होने वाली लोक अदालतों में सुलह-समझौतों के आधार पर विवादों को निपटाया जाता है।
कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक प्राधिकारण शिवकुमारी ने भी विभिन्न जानकारियां प्रदान करते हुए कहा कि प्राधिकारण के माध्यम से दीवानी व फौजदारी (शमनीय) आदि वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराए जाते हैं। जबकि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समय-समय पर विधिक जागरूकता शिविर, लोक अदालतों के माध्यम से मामलों का निस्तारा। गरीब एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराना आदि कार्य भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करता है। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा ने भी विभिन्न मामलों में जानकारी प्रदान की। जबकि कार्यालय प्रमुख विष्णु शर्मा ने यहां पर आवश्यक सामग्री का वितरण किया। कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती रेखा सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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