Skip to main content

दंड के स्वामी की जयंती पर भक्तों ने मंदिर में उमड़े भक्त, भजन-कीर्तन और भोग-प्रसादी का चला देर रातक दौर

दंड के स्वामी की जयंती पर भक्तों ने मंदिर में उमड़े भक्त, भजन-कीर्तन और भोग-प्रसादी का चला देर रातक दौर
शनिजयंती के मौके पर सेवायत पुजारी पं.चंद्रप्रकाश जोशी प्रसादी बांटते हुए
UP Hathras 16 May। दंडाधिकारी श्री शनिदेव महाराज की जयंती पर नगर एवं क्षेत्र में धूमधाम रही। इस मौके पर शनि भक्तों ने शनि सिंगापुर जाकर के भी अपना पुण्य कमाया तो रस की नगरी हाथरस में भी शनिमंदिरों में इस मौके पर छप्पन-भोग, फुलबंगला के दर्शन कराए गए। साथ ही प्रसादी का वितरण देर रात तक चलता रहा।
आपके शरीर में दस महत्वपूर्ण
जानकारियां देगा यह बोडी
स्केशन। जल्द निश्चि की
जाएगी इसके लिए दिनांक
न्याय के देवता भगवान शनि की जयंती का मंगलवार 15 मई को जश्नी माहौल रहा। सुबह से ही मंदिरों में भगवान शनि की पूजा-अर्चना का दौर चला और देर रात तक यह क्रम चलता रहा। सादाबाद गेट स्थित शनिदेव का प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर में कार्यक्रम की शुरूआत तो 14 मई को ही हो गई थ, लेकिन मंगलवार को मंगला आरती के साथ शुरू हुए जंयती पर्व में भक्तों ने जमकर बढ़चढ़ का हिस्सा लिया और पुण्यलाभ लिया। मंगला आरती के बाद भक्तों ने शनि देव को तेल लेपन किया और उसके बाद भजन-कीर्तन का दौर चला। शाम को दंडाधिकारी देव शनिमहाराज के भव्य फूलबंगला सजा कर छप्पन भोग के आलौकिक दर्शन कराए गए।
प्रसादी वितरण में सेव-बूंदी, सब्जी पूड़ी सहित अनेक व्यंजनों सहित भक्तों ने प्रसादी का वितरण किया और पुण्यलाभ लिया। इस मौके पर देर रात तक ध्वनीविस्तर यंत्र पर भगवान के भक्ति गीतों का क्रम चलता रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सेवायत पूजारी चंद्रप्रकाश जोशी, राकेश भाजद्वाज, प्रेमकिशोर वशिष्ठ, मोहन माहेश्वरी, पीयूष गुप्ता, संतोष गुप्ता, संतोष कुमार, अनिल कुमार, विकास जोशी, आकाश जोशी, रमाशंकर, अतुल माहेश्वरी, सेठ दर्शनलाल, राजू कौशिक, उमेश जैन, गोपाल वर्मा, आशीष वार्ष्णेय, भूरा जोशी आदि भक्तजनों का सहयोग सराहनीय रहा। जबकि दूसरी ओर ब्रजवाला कुआ स्थित शनिदेव मंदिर पर भी भोर की किरण भूटने से देर रात तक शनिभक्ति कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। अन्य शनिमंदिरों में भी शनिदेव की जयंती को धूमधाम के साथ मनाया गया।


Comments

Popular posts from this blog

‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’

हनुमान जी की कृपा से गुसांई बाबा को चित्रकूट के घाट पर प्रभु के दर्शन होते हैंःगौरांग जी महाराज UP Hathras11 जून, 18। चित्रकूट का घट है और गोस्वामी बाबा पथर की एक सिला पर चंदन घिर रहे हैं। कथा प्रवचन करते व्यासपीठ गौरांग जी महाराज इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके स्वामी आएंगे और मिलन होगा। अचानक वहां पर दो सुकुमार आते हैं और तुलसीदास से चंदन की मांग करते हैं, लेकिन प्रभु मिलन की आस में वह दोनों ही सुकुमारों से चंदन की मना करते हैं। महावीर जो देख रहे थे पहचान गए कि अभी भी तुलसीदास स्वामी को नहीं पहचान रहे। श्री रामदबार मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा श्रवण करते श्रद्धालुजन कथा श्रवण करते बैंक अधिकारी कथा के दौरान आचार्य गौरांग जी महाराज इस मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि कहीं फिर से तुलसीदास प्रभु दर्शन से न चूक जाएं। इसलिए पेड़ की एक डाल पर तोते का रूप धर कर हनुमान जी कथा श्रवण करते सेवानिवृत्त रोडवेज अधिकारी कहते हैं ‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’ यह दोहा सुनते ही गोस्वामी तुलसीदास का ज्ञानतंत्र जाग्रित हुआ। ध...

हर दिन डेढ सजा का लक्ष्य किया तय

हर दिन सुनाई गई डेढ़ सजा - पुलिस के साथ अभियोजन ने 716 आरोपियों को सुनाई सजा - पूरे साल में 556 मामलों में सुनाई गई सजा - बकौल एसपी चिरंजीव नाथ सिंहा, आगे और बहतर करने का होगा प्रयाश हाथरस। पुलिस ने अभियोजन के साथ मिलकर 360 दिन में 556 सजाओं के माध्यम से 716आरोपियों को अभियुक्त सिद्ध कर के जेल का रास्ता दिखाया है। अगर यह कहा जाए कि हर दिन पुलिस और अभियोजन ने मिल कर डेढ़ सजा का आंकड़ा तय किया है तो गलत नहीं होगा क्योंकि साल में 360 दिन होते हैं और सजा 556 सुनाई गई है।इससे सीधा-सीधा आंकड़ा निकलता है एक दिन में डेढ़ सजा का मापदंड तप किया गया है।हालांकि यह आंकड़ा इतना अच्छा भी नहीं है, मगर आने वाले दिनों में इसको और सुधारा जा सकता है। बीते समय से सबक लेने की आवश्यकता है कि कहां पर चूक हुई है।क्योंकि कहीं ना कहीं पुलिस गवाहों के होस्टाइल होने के कारण ही आरोपी कोअभियुक्त सिद्ध नहीं कर पाती और वह सजा से वंचित रह जाते हैं ।इसलिए यह कहना फक्र की बात है कि पुलिस ने मेहनत करते हुए हर दिन एक से ज्यादा सजा का लक्ष्य तय किया है इधर, अभियोजन ने भी रात दिन एक करते हुए अपने कार्य को अंजाम द...

यतेंद्र की खैर में मेहनत डा० चारू की बनी है सफलता की ढाल

खैर (अलीगढ़ा)। धार्मिक उन्माद और आपसी भाईचारा के बीच द्वंद में बतौर अखाड़ा बने खैर में आपसी भाईचार भारी दिखाई दे रहा है। 15 नवंबर को टप्पल रोड  पर हुई मा० अखिलेश जी की जनसभा से बनक बदलते नजर आये हैं। चुनाव प्रचार में लगे ठाकुर यतेंद प्रताप सिंह राना व पूर्व MLC ठा० उदयवीर सिंह की मेहनत रंग लाती दिखाई दे रही है।         ठा० यतेंद प्रताप सिंह समाजवादी पार्टी के जमीनी सिपाही की तरह रहे हैं। यही करण के कि मा० अखिलेश यादव ने उन्हें खैर में विजय पताका फैराने के लिए नैया का खैवइया के रूप में चुना है। सबकुछ ठीक रहा ते डा० चरुकैन यहां से जनप्रति निधि होंगी और ठा० यतेंद्र प्रताप की मैहनत सफल होगी। 15 नवंबर की सफल सभा के बाद ठा० यतेंद्र प्रताप अपने काफिल के साथ पुनः प्रचार मैदान में हैं और सफलता के संग सभी का साथ थामें सदन की तैयारी में जुट गये हैं। 16 नवंबर को भी ठा० यतेंद्र प्रताप ने गांव - गांव व क्षेत्र में सघन संपर्क अभियान चलाया है। 🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🌹🌹🌹🌹🪷🪷 Dr. Charu's hard work for Yatendra's welfare has become the shield of suc...