Skip to main content

मां के आंचल को बेच रहे भूमाफिया, मातृदिवस के मौके पर उठाई लोगों ने मांग

मां के आंचल को बेच रहे भूमाफिया, मातृदिवस के मौके पर उठाई लोगों ने मांग, माफियाओं से बचाओ भूमि मां को, अन्यथा बेचडालेंगे
श्मशान की भिम को भूमाफियाओं द्वारा कब्जाने के
 विरोध में प्रदर्शन करते सर्व समाज के लोग
UP (Hathras) 13 May। देख तेरे संसार कर हालत क्या हो गई भगवान, कितना बदल गया इंसान कितना बदल गया इंसान....
इस फिल्मी गाने के सार पर जाएं तो बिल्कुल वही हो रहा है कि बदले इंसान को यह भी पता नहीं कि जिस भूमि को वह कब्जाना चाहता है वह उसकी मां है। बात मां की हो रही है तो क्योंना यह भी डिस्कस कर लें कि मां और उसका हमारे जीवन में क्या औचित्य है। आज मातृ दिवस है और मां के रौल पर चार्चा होना भी लाजमी है।
सुना तो ऐसा है कि जब प्राणी इस संसार में आता है तो मां की कोख होती है। जब इस संसार में आता है तो मां की गोद होती है और जब इस संसार से विदा होता है तो मां यानि धरती मां की गोद में अंतिम सांस लेता है। कुल मिलाकर मां से कभी उनंतर नहीं हो पाता प्राणी, लेकिन मौका लगने पर यह खुदगर्ज मां के आंचल तक को बेचने में गुरेज नहीं करता।
मोक्षदायी भूमि यानि श्मशान की भूमि को बेच रहे भूमाफियाः-
बैठक करते लोग
कुछ लोग जहां पर भी भूमि दिखाई दे चूकते नहीं है। उस पर ऐन, केन, प्रेकेरेण अर्थात किसी भी तरह से अपना अनैतिक कब्जा कर बेच डालते हैं और कमाते हैं मोटी रकम। जबकि जो उसके असली हकदार हैं हाथ मिलते रह जाते हैं।
क्या है ताजा मामलाः-
सूत्र बताते हैं कि आगरा रोड स्थित बंबा पर पड़ी श्मशान भूमि को ही कुछ भूमाफिया जो अपने आप को प्रॉपर्टी डीलर कहते हैं, बेचदेना चाहते हैं। अगर इस भूमि को बेच दिया गया तो यहां पर दफन होने वाले या फिर मुखग्नि पाने वाले वह दिवंगत भी अपना हक खो बैठेंगे।
लोगों ने उठाई भूमाफियाओं से भूमि सुरक्षा की मांगः-
वैभव नगर स्थित बगीची कैलाश टीला और छोटे व बड़े नवीपुर आदि खेक्ष के कुछ सभ्रांत लोगों ने बैठकर इस संबध्ां में मीटिंग की और श्मशान की भूमि को बचाने की मांग उठाई। साथ ही भाजपा जनप्रतिनिधियों से इस भूमि के सौंदर्यीकरण की भी मांग रखी। बैठक की अध्यक्षता नहरोई के पूर्व प्रधान रामजीलाल ने की। बैठक में सनातन ब्राह्मण महासभा के ऋषिकुमार  शर्मा, नन्हें ठाकुर, नगराध्यक्ष भाजपा मूलचंद्र वार्ष्णेय, राकेश शर्मा अनाड़ी, अशोक गोला, गोपाल पहलवान, हरस्वरूप माहौर आदि मौजूद थे।
क्या कहते हैं नेताः-
नगराध्यक्ष भाजपा मूलचंद्र वार्ष्णेय ने लोगों को आश्वासन दिया कि भूमाफिया चाहें कितने भी ताकत वर हों उनको सफल नहीं होने दिया जाएगा। श्मशान भूमि पर सौंदर्यीकराए जाने का शीर्घ प्रयास होगा। 

Comments

Popular posts from this blog

‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’

हनुमान जी की कृपा से गुसांई बाबा को चित्रकूट के घाट पर प्रभु के दर्शन होते हैंःगौरांग जी महाराज UP Hathras11 जून, 18। चित्रकूट का घट है और गोस्वामी बाबा पथर की एक सिला पर चंदन घिर रहे हैं। कथा प्रवचन करते व्यासपीठ गौरांग जी महाराज इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके स्वामी आएंगे और मिलन होगा। अचानक वहां पर दो सुकुमार आते हैं और तुलसीदास से चंदन की मांग करते हैं, लेकिन प्रभु मिलन की आस में वह दोनों ही सुकुमारों से चंदन की मना करते हैं। महावीर जो देख रहे थे पहचान गए कि अभी भी तुलसीदास स्वामी को नहीं पहचान रहे। श्री रामदबार मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा श्रवण करते श्रद्धालुजन कथा श्रवण करते बैंक अधिकारी कथा के दौरान आचार्य गौरांग जी महाराज इस मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि कहीं फिर से तुलसीदास प्रभु दर्शन से न चूक जाएं। इसलिए पेड़ की एक डाल पर तोते का रूप धर कर हनुमान जी कथा श्रवण करते सेवानिवृत्त रोडवेज अधिकारी कहते हैं ‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’ यह दोहा सुनते ही गोस्वामी तुलसीदास का ज्ञानतंत्र जाग्रित हुआ। ध...

हर दिन डेढ सजा का लक्ष्य किया तय

हर दिन सुनाई गई डेढ़ सजा - पुलिस के साथ अभियोजन ने 716 आरोपियों को सुनाई सजा - पूरे साल में 556 मामलों में सुनाई गई सजा - बकौल एसपी चिरंजीव नाथ सिंहा, आगे और बहतर करने का होगा प्रयाश हाथरस। पुलिस ने अभियोजन के साथ मिलकर 360 दिन में 556 सजाओं के माध्यम से 716आरोपियों को अभियुक्त सिद्ध कर के जेल का रास्ता दिखाया है। अगर यह कहा जाए कि हर दिन पुलिस और अभियोजन ने मिल कर डेढ़ सजा का आंकड़ा तय किया है तो गलत नहीं होगा क्योंकि साल में 360 दिन होते हैं और सजा 556 सुनाई गई है।इससे सीधा-सीधा आंकड़ा निकलता है एक दिन में डेढ़ सजा का मापदंड तप किया गया है।हालांकि यह आंकड़ा इतना अच्छा भी नहीं है, मगर आने वाले दिनों में इसको और सुधारा जा सकता है। बीते समय से सबक लेने की आवश्यकता है कि कहां पर चूक हुई है।क्योंकि कहीं ना कहीं पुलिस गवाहों के होस्टाइल होने के कारण ही आरोपी कोअभियुक्त सिद्ध नहीं कर पाती और वह सजा से वंचित रह जाते हैं ।इसलिए यह कहना फक्र की बात है कि पुलिस ने मेहनत करते हुए हर दिन एक से ज्यादा सजा का लक्ष्य तय किया है इधर, अभियोजन ने भी रात दिन एक करते हुए अपने कार्य को अंजाम द...

यतेंद्र की खैर में मेहनत डा० चारू की बनी है सफलता की ढाल

खैर (अलीगढ़ा)। धार्मिक उन्माद और आपसी भाईचारा के बीच द्वंद में बतौर अखाड़ा बने खैर में आपसी भाईचार भारी दिखाई दे रहा है। 15 नवंबर को टप्पल रोड  पर हुई मा० अखिलेश जी की जनसभा से बनक बदलते नजर आये हैं। चुनाव प्रचार में लगे ठाकुर यतेंद प्रताप सिंह राना व पूर्व MLC ठा० उदयवीर सिंह की मेहनत रंग लाती दिखाई दे रही है।         ठा० यतेंद प्रताप सिंह समाजवादी पार्टी के जमीनी सिपाही की तरह रहे हैं। यही करण के कि मा० अखिलेश यादव ने उन्हें खैर में विजय पताका फैराने के लिए नैया का खैवइया के रूप में चुना है। सबकुछ ठीक रहा ते डा० चरुकैन यहां से जनप्रति निधि होंगी और ठा० यतेंद्र प्रताप की मैहनत सफल होगी। 15 नवंबर की सफल सभा के बाद ठा० यतेंद्र प्रताप अपने काफिल के साथ पुनः प्रचार मैदान में हैं और सफलता के संग सभी का साथ थामें सदन की तैयारी में जुट गये हैं। 16 नवंबर को भी ठा० यतेंद्र प्रताप ने गांव - गांव व क्षेत्र में सघन संपर्क अभियान चलाया है। 🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🌹🌹🌹🌹🪷🪷 Dr. Charu's hard work for Yatendra's welfare has become the shield of suc...