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महावीर की ट्यूनिंग तो देखिए ड्यूटी भी और धर्म भी, प्रवीन बन रहे जामवान, लोगों को मिल रहा जीवनदान

महावीर की ट्यूनिंग तो देखिए ड्यूटी भी और धर्म भी, प्रवीन बन रहे जामवान, लोगों को मिल रहा जीवनदान 
संजय दीक्षित
संकट में महादेवी खून दान के करते महावीर सिंह
UP Hathras 29 May। ड्यूटी और धर्म की जुगलबंदी की मिशाल कायम करने वाले महावीर का काम वाकई दया की पराकाष्ठा ही मानी जाएगी। क्योंकि उन्होंने जो किया उससे किसी को जीवनायनी सांसों में बढ़ोत्तरी का माध्यम बना और वह था खून, वह था उस महिला की जिंदगी, वह था उसके जीवन आधार। नमन् है, वंदन है ऐसे खाद्यसुरक्षा अधिकारी को जो वाकई पहले अपनी ड्यटी और जरूरत पड़ने पर अपने धर्म का पालन करता है।
कहावत है कि भूखे को रोटी और प्यासे को पानी देने से पुण्य की जड़ हरी होती है, लेकिन जहां पर सामने मौत खड़ी हो और किसी अनजान के सहयोग से मौत के जगह जीवन की अनुभूति हो तो आप क्या कहेंगे। वैसे कहा तो यह ही जाना चाहिए कि मारने वाला काल
दानियों के लिए जामवान
साबित हो रहे प्रवीण वार्ष्णेय
होता है तो जीवन देने वाला भगवान के समान होता है। हालांकि अपनी-अपनी सोच और अपने-अपने सिद्धांत है, लेकिन सोच और सिद्धांतों की पूजा और समर्थन वहीं मिलता है जो लोगों कि हितकर होते हैं। जिसमें समाज सेवा का भाव छिपा होता है और ऐसे ही भाव से खाद्यसुरक्षा विभाग में बतौर अधिकारी महावीर सिंह मौका मिलने पर अपने मानवीय धर्म से कभी भी पीछे नहीं हटते।
क्या है घटनाक्रमः-
थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव रहना निवासी श्रीमती महादेवी पत्नी सुरेंद्र शर्मा उम्र करीब 45 वर्ष जो कि पहले से ही पोलियो जैसी बीमारी से ग्रसित थीं, को बीमारी के चलते उनको चिकित्सकों ने ए नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता बताई
थी। चूंकि इस नंबर के ब्लड के लोग कम मिलते हैं और इसके चलते मरीज के परिजनों को काफी दिक्कत हो रही थी।
कैसे मिला महावीर को सेवा का अवसरः-
परेशान परिजनों को जब की ब्लड की उपलब्ध नहीं हुई तो किसी ने उनको बताया कि आप
यूनिवर्सल ह्युमन राइट्स से संपर्क करिए। परिजनों संस्था के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण वार्ष्णेय से संपर्क किया। मामला चूंकि गंभीर था और लेट होने पर मरीज को  परेशानी हो सकती थी। उन्होंने तत्काल पता लगाया तो हाथरस में ही तैनात खाद्यसुरक्षा अधिकारी महावीर सिंह से उन्होंने संपर्क किया। क्योंकि उनका ब्लड गु्रप वही था जिसकी महिला को आवश्यकता थी। उन्होंने अपनी ड्यूटी के तत्काल बाद महिला को रक्तदान कर अपने मानवीय धर्म की पूर्ति की साथ ही समाज में एक अच्छा संदेश देते हुए लोगों से यह कामना कि वह भी रक्तदान महादान अभियान में अपना पूर्ण सहयोग और समर्थन करें। रक्तदान महादान अभियान में यूनिवर्सल ह्युमन राइट्स के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण वार्ष्णेय की सराहना व दानी महावीर सिंह जी को कोटि-कोटि धन्यवाद देते हुए पीड़िता के परिजनों ने काफी आभार व्यक्त किया है।

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