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ब्रज की द्वार देहरी के भक्तों ने उठाया राधा दर्शन की वीणा, हर महीने करेंगे अष्ठ सख्यिं के दर्शन

अष्ठ सखी दर्शन प्रथम
ब्रज की द्वार देहरी के भक्तों ने उठाया राधा दर्शन की वीणा, हर महीने करेंगे अष्ठ सख्यिं के दर्शन
29 जुलाई, 18
संजय दीक्षित
यात्रा चंपकलता सखी एक अनुभव

करहल गांव में विराजित सखी मां चंपकलता जी के विग्रह के दर्शन
आपको यह बताते हुए काफी हर्ष की अनुभूति हो रही है कि मास्टर श्री कैलाशचंद्र जी वार्ष्णेय व उनकी समस्त टीम के माध्यम से हमको भी श्री ब्रज बरसाना यात्रा मंडल का सानिध्य मिल रहा है। साथ ही बरसने वाले ब्रज रस का हम भी रसास्वादन कर पा रहे हैं। जो ज्ञात है उसके मुताबिक बताना चाहते हैं कि ब्रज बरसाना यात्रा मंडल ने यह निर्णय लिया है कि ब्रज धाम बरसाने की यात्रा के साथ-साथ श्री राधा जी की अष्ठ सखियों के भी दर्शन किए जाएं। मंडल के सदस्यों की माने तो इस मौके पर निर्णयानुसार एक-एक सखी के दर्शन और सखी मां की प्रसादी के साथ-साथ वहां पर निवास करने वाले ब्रजवासियों की भी प्रसादी का आयोजन किया जाए। इसीके क्रम में प्रथम आयोजन सखी मां चंपकलता जी के भवन में हुआ। जहां ब्रजवासी बालगोपालों की भी प्रसादी का
सखी ग्राम्य चार्ट

आयोजन हुआ और हमकर राधाकृपा रस बरसा।
आइए पहले राधा जी की अष्ठ सखियों के संबंध में जान लेते हैं।
राधा की अष्ठ सखियां
01. ललिता सखी                 -ऊंचा गांव
02. विशाखा सखी                 -कमई
03. चंपक लता सखी         -गांव करहल
04. चित्रासखी                         -चिकसौली
05. तुड्ग्विद्या(तुंग विद्या)सखी     -डभारा
06. इंन्दुलेखा सखी                 -आजनौंख
07. रंगदेवी सखी                 -रॉकौली
08. सुदेवी सखी                 -सुनहरा

1. ललिता सखी-ललिता जी राधाजी की सभी सखियों में चतुर और प्रिय सखी है। राधा रानी को तरह-तरह के खेल खिलाती है। कभी-कभी नौका-विहार, वन-विहार कराती है। यह ठाकुर जी को हर समय बीडा (पान) देती रहती है। इनका निवास ऊँचे गांव में है तथा इनकी उम्र के संबंध में कहा जाता है कि यह 14 साल 8 महीने 27 दिन हैं। (ऊँचा गांव )
2. विशाखा सखी- ठाकुर जी को चुटकुले सुनाकर गौरांगी रंग वाली सखी का नाम ही विशाखा है। यह सखी सुगंधित द्रव्यां से बने चंदन का लेप राधिका जी को करती हैं। इनकी उम्र के संबंध में बताया जाता कि यह 14 साल 2 महीने 15 दिन हैं। (कमई)
श्री जी बरसाना दर्शन। जय लाड़लीलाल महाराज की
3. चंपकलता सखी-करहल गांव की निवासिन और ठाकुर जी को अत्यंत प्रेम करने वाली सखी का नाम चंपकलता है। इनका रंग पुष्प-छटा की तरह है। यह ठाकुर जी की रसोई सेवा करती हैं और इनकी उम्र के संबंध में बताया जाता है कि यह 14 साल 2 महीने 13 दिन हैं। (करहल)
4. चित्रा सखी- चित्रा जी राधा रानी की अति मन भावंती सखी हैं। जो बरसाने के चिकसौली गांव में रहती हैं। जब ठाकुर जी 4 बजे सोकर उठते है तब यह सखी फल, शर्बत, मेवा लेकर खड़ी रहती हैं। इनकी उम्र के संबंध में बताया जाता है कि यह भी 14 साल 7 महीने 14 दिन हैं। (गांव-चिकसौली)
5. तुगंविद्या सखी-चंदन की सी महक और कपूर जैसी ठंडक सी तासीर रखने वाली तुंगविद्या सखी युगल सरकार के रदबार में नृत्य, गायन और विनोद की जिम्मेदारी निभाती हैं। जिनको वीणा वादिनी भी कहा जाता है। क्योंकि यह वीणा वादन में अति प्रवीण हैं। इनको गौरा माँ पार्वती का अवतार भी माना जाता है। इनकी उम्र के संबंध में कहा जाता है कि यह 14 साल 2 महीने 22 दिन हैं। (गांव-डभारा)
6. इन्दुलेखा सखी-हस्तरेखा देख कर भविष्यवणी में प्रवीण सखी और अत्यन्त सुझबुझ वाली सखी इंदुलेखा
चंपकलता जी के भवन में भक्तिरस में झूमते भक्तजन
सुनहरा गांव में रहती हैं। ऐसा कहा जाता है कि किसी कि भी हस्तरेखा को देखकर बता सकती है कि उसका क्या भविष्य है। इनको प्रेम कहानियाँ सुनाने में भी दक्ष माना जाता है। इनकी उम 14 साल 2 महीने 10 दिन बताई जाती है। (गांव-आजनौंख)
7. रंगदेवी सखी-राधिका जी को काजल लागाने वाली सखी का नाम ही रंग देवी है। बड़ी ही कोमल व सुदंर हैं। काजल के साथ-साथ यह राधिकाजी का श्रृंगार भी करती हैं। इनकी उम्र के संबंध में कहा जाता है कि यह 14 साल 2 महीने 4 दिन की हैं। (गांव-रॉकौली)
8. सुदेवी सखी-यह राधिकाजी सख्यिं में सबसे छोटी सखी हैं, लेकिन हैं बड़ी ही चतुर और प्रिय। यह सुनहरा गाव मे रहती है। ये ठाकुर जी को पानी पिलाने की सेवा करती है।इनकी उम 14 साल 2 महीने 4 दिन की है। (गांव-सुनहरा)

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