Skip to main content

अलगाववाद के अलख पर शाह की धमक

गृहमंत्री की यात्रा में घाटी में नहीं बुलाया गया बंद

राजनीति के चाणिक्य कहे जाने वाले गृहमंत्री अमित शाह का गुरुवार 27 जून को जम्मू कश्मीर दौरे का दूसरा दिन था। क्योंकि उन्होंने अपनी विदेशमंत्रित्व काल में यह पहली यात्रा की थी जिसको सफल माना जा रहा है। इसका मुख्य कारण बताया जारहा है कि श्री शाह के इस दौरे के दौरान बंद का आह्वान नहीं किया गया।

बिना लागत, ना कोई झंझट, ना कोई रिस्क, सिर्फ
 सफलता ही सफलता, गारंटी के साथ। ऐसा है \
‘‘हर्बलधारा बिजनेस’’। यह ही नहीं बेरोजगारी के
मुंह पर तमाचा। यानी आने वाली पीढ़ियों के लिए
समुचित रोजगार की पूर्ण व्यवस्था के साथ हर्बलधारा
बिजनेस करता है आपका स्वागत। आइए और
करिएगा अपने जीवन के सारे स्वप्नों को साकार।
 संपर्कः-8630588789
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जम्म कश्मीर दौरे में आज दूसरा दिन गुरुवार सुबह शहीद इंस्पेक्टर अरशद खान के श्रीनगर स्थित घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। जबकि यह एक महत्वपूर्ण बात कही जा रही है कि कश्मीर घाटी में तीन दशकों के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब अलगाववादी संगठनों ने किसी गृह मंत्री के दौरे के वक्त बंद की अपील नहीं की.


गृहमंत्री कर सकते हैं अमरनाथ के दर्शन
गृहमंत्री अमित शाह की राज्य के पार्टी के नेताओं के अलावा सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और पंचायत सदस्यों आदि से मुलाकात एक अनौखा रंग ला सकती है। इस मौके पर उनका अमरनाथ दर्शन का कार्यक्रम भी माना जा रहा है. शाह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ यूनिफाइड हेडक्वॉर्टर्स बैठक में शिरकत भी करेंगे.

Comments

Popular posts from this blog

‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’

हनुमान जी की कृपा से गुसांई बाबा को चित्रकूट के घाट पर प्रभु के दर्शन होते हैंःगौरांग जी महाराज UP Hathras11 जून, 18। चित्रकूट का घट है और गोस्वामी बाबा पथर की एक सिला पर चंदन घिर रहे हैं। कथा प्रवचन करते व्यासपीठ गौरांग जी महाराज इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके स्वामी आएंगे और मिलन होगा। अचानक वहां पर दो सुकुमार आते हैं और तुलसीदास से चंदन की मांग करते हैं, लेकिन प्रभु मिलन की आस में वह दोनों ही सुकुमारों से चंदन की मना करते हैं। महावीर जो देख रहे थे पहचान गए कि अभी भी तुलसीदास स्वामी को नहीं पहचान रहे। श्री रामदबार मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा श्रवण करते श्रद्धालुजन कथा श्रवण करते बैंक अधिकारी कथा के दौरान आचार्य गौरांग जी महाराज इस मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि कहीं फिर से तुलसीदास प्रभु दर्शन से न चूक जाएं। इसलिए पेड़ की एक डाल पर तोते का रूप धर कर हनुमान जी कथा श्रवण करते सेवानिवृत्त रोडवेज अधिकारी कहते हैं ‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’ यह दोहा सुनते ही गोस्वामी तुलसीदास का ज्ञानतंत्र जाग्रित हुआ। ध...

हर दिन डेढ सजा का लक्ष्य किया तय

हर दिन सुनाई गई डेढ़ सजा - पुलिस के साथ अभियोजन ने 716 आरोपियों को सुनाई सजा - पूरे साल में 556 मामलों में सुनाई गई सजा - बकौल एसपी चिरंजीव नाथ सिंहा, आगे और बहतर करने का होगा प्रयाश हाथरस। पुलिस ने अभियोजन के साथ मिलकर 360 दिन में 556 सजाओं के माध्यम से 716आरोपियों को अभियुक्त सिद्ध कर के जेल का रास्ता दिखाया है। अगर यह कहा जाए कि हर दिन पुलिस और अभियोजन ने मिल कर डेढ़ सजा का आंकड़ा तय किया है तो गलत नहीं होगा क्योंकि साल में 360 दिन होते हैं और सजा 556 सुनाई गई है।इससे सीधा-सीधा आंकड़ा निकलता है एक दिन में डेढ़ सजा का मापदंड तप किया गया है।हालांकि यह आंकड़ा इतना अच्छा भी नहीं है, मगर आने वाले दिनों में इसको और सुधारा जा सकता है। बीते समय से सबक लेने की आवश्यकता है कि कहां पर चूक हुई है।क्योंकि कहीं ना कहीं पुलिस गवाहों के होस्टाइल होने के कारण ही आरोपी कोअभियुक्त सिद्ध नहीं कर पाती और वह सजा से वंचित रह जाते हैं ।इसलिए यह कहना फक्र की बात है कि पुलिस ने मेहनत करते हुए हर दिन एक से ज्यादा सजा का लक्ष्य तय किया है इधर, अभियोजन ने भी रात दिन एक करते हुए अपने कार्य को अंजाम द...

यतेंद्र की खैर में मेहनत डा० चारू की बनी है सफलता की ढाल

खैर (अलीगढ़ा)। धार्मिक उन्माद और आपसी भाईचारा के बीच द्वंद में बतौर अखाड़ा बने खैर में आपसी भाईचार भारी दिखाई दे रहा है। 15 नवंबर को टप्पल रोड  पर हुई मा० अखिलेश जी की जनसभा से बनक बदलते नजर आये हैं। चुनाव प्रचार में लगे ठाकुर यतेंद प्रताप सिंह राना व पूर्व MLC ठा० उदयवीर सिंह की मेहनत रंग लाती दिखाई दे रही है।         ठा० यतेंद प्रताप सिंह समाजवादी पार्टी के जमीनी सिपाही की तरह रहे हैं। यही करण के कि मा० अखिलेश यादव ने उन्हें खैर में विजय पताका फैराने के लिए नैया का खैवइया के रूप में चुना है। सबकुछ ठीक रहा ते डा० चरुकैन यहां से जनप्रति निधि होंगी और ठा० यतेंद्र प्रताप की मैहनत सफल होगी। 15 नवंबर की सफल सभा के बाद ठा० यतेंद्र प्रताप अपने काफिल के साथ पुनः प्रचार मैदान में हैं और सफलता के संग सभी का साथ थामें सदन की तैयारी में जुट गये हैं। 16 नवंबर को भी ठा० यतेंद्र प्रताप ने गांव - गांव व क्षेत्र में सघन संपर्क अभियान चलाया है। 🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🌹🌹🌹🌹🪷🪷 Dr. Charu's hard work for Yatendra's welfare has become the shield of suc...