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370 की पहल केंद्र सरकार का देश को तोहफा: राजपाल दिशवार

370 की पहल केंद्र सरकार का देश को तोहफा: राजपाल दिशवार
अधिवक्ताओं ने एकदूसरे को गले लग दी बधाई, वादकारियों का भी वकीलों ने कराया मुंह मीठा
अधिवक्ता व वरिष्ठ भाजपा नेता यज्ञदत्त गौतम
 को मिष्ठान्न खिलाते हुए

हाथरस। एक देश और एक कानून की जो मुहीम जनता चाह रही थी वास्तव में यह जनता की मांग के अनुरुप हुआ है। जम्मू-काश्मीर को लेकर देश में जो आतंक का राज पनपता था अब वह जनता का होने जा रहा है। चाहें जम्मू-काश्मीर हो या देश के अन्यत्र राज्य सभी में अब फिर से वही नारा गूंजेगा कि ‘‘हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईशाई सभी देश में भाई-भाई’’
यह उदगार वरिष्ठ भाजपा नेता व अधिवक्ता राजपाल सिंह दिशवार ने लड्डू का वितरण करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय में व्यक्त किए। जबकि अधिवक्ता व पूर्व सचिव यज्ञदत्त सरकार की पहल को वक्त की आवश्यकता बताते हुए मुंह मीठा किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर धारा 370 के क्षेत्र में जो पहल भारत सरकार ने की है वह सराहनीय है। भारत सरकार ने एक ऐसा उम्दा इतिहास लिख दिया है जो कभी अमिट होने वाला नहीं है।
वादकारियों का भी मुंह मीठा कराते हुए अधिवक्तागण

अधिवक्ता द्वय ने कहा कि जो पहले हुआ था वह भी समय के अनुसार ही हुआ होगा, लेकिन अब तो यह जन-जन की मांग थी और उस मांग पर मोदी सरकार ने पहल करते हुए न्याय की जो मौहर लगाई है उस पहल को यह देश सदियों तक याद करेगा। अधिवक्ता प्रेमवीर सिंह ने धारा 370 की पहल को देश की प्रगति में मील का पत्थर बताया।
अधिवक्ता यतीश कुमार शर्मा ने कहा भारत सरका द्वारा जो कार्य किया गया है वाकई इसकी उम्मीद नहीं थी, लेकिन यह पूरे भारत के लोगों की मांग थी। अधिवक्ता राधामाधव शर्मा ने पूरे युवा अधिवक्ताओं की ओर से खुशी का इजहार करते हुए
सरकार की पहल पर मौहर लगाई। गिरीश रावत एडवोकेट ने कहा कि सरकार का यह फेसला लोगों में हमेशा श्रद्धा और सम्मान के साथ देखा जाएगा। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने कुंतलों की संख्या में मिष्ठान्न का वितरण किया। अगर यह कहा जाए कि वादकारियों के लिए भी यह खुशी का पल था तो गलत नहीं होगा। क्योंकि तमाम वादकारियों को भी मिष्ठान्न खाने का मौका मिला।
इस मौके पर मुख्य रूप से अधिवक्ता राधेलाल पचैरी, यतीश कुमार शर्मा, राजपाल सिंह दिशवार, प्रेमवीर सिंह, राधामाधव शर्मा, यज्ञदत्त गौतम, दिगंबर सिंह सिसोंदिया, सुरेशचंद्र, हजारीलाल कुशवाहा, गिरीश रावत आदि दर्जनों अधिवक्ता मौजूद थे।

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