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22 मार्च को होगी 107 वीं बरसाना यात्रा, बुकिंग के साथ ही मिल जाएगा सीट नंबर

22 मार्च को होगी 107 वीं बरसाना यात्रा, बुकिंग के साथ ही मिल जाएगा सीट नंबर
-साढ़े छह बजे तक न पहुंचने पर किसी और को आपकी सीट उपलब्ध करा दी जाएगी 
हाथरस। ब्रज बरसाना यात्रा मंडल की 107 वीं यात्रा 22 मार्च को प्रभात फेरी के साथ आरंभ होकर ब्रज धाम बरसाना के लिए प्रस्थान करेगी। जिसमें भगवान गरुण गोविंद, बूड़े बाबू, नरी सेमरी माता व कोकिला वन
(शनिदेव) के खासतौर से दर्शन शामिल किए गए हैं।
यह जानकारी यात्रा प्रमुख मा.कैलाशचंद्र वाष्र्णेय ने देते हुए बताया कि विगत आठ वर्षों से संचालित ब्रज बरसाना यात्रा लगातार अपने पड़ाव को पूरा करती आ रही है। 22 मार्च को होने वाली यात्रा ब्रज बरसाना यात्रा मंडल, हाथरस की 107 वीं यात्रा होगी और इसके बाद 108 वीं यात्रा पर यात्रा अपने नौ वर्ष पूर्ण कर लेगी। यह यात्रा अपै्रल के महीने में होनी है। जबकि 107 वीं यात्रा 22 मार्च, 2020 दिन रविवार को अपने पूर्व वत कार्यक्रम के हिसाब से हलवाईखाना स्थित मंदिर श्री दाऊजी महाराज से मंगला आरती के बाद निकलने वाली प्रभात फेरी के साथ आरंभ होगी। जो भ्रमण करते हुए घंटाघर स्थित अपना वाली धर्मशाला से बस द्वारा ब्रज धाम बरसाना के लिए प्रस्थान कर जाएगी। जिसमें सबसे पहले मुरसान स्थित पीपल देवी मंदिर गोलापूजन होगा और फिर छटीकरा मार्ग पर भगवान गरुणगोविंद के दर्शन फिर बूड़े बाबू, माता नरी सेमरी और कोकिला वन (शनिदेव मंदिर) के दर्शनों के बाद गहवर वन स्थित राधारस मंदिर पहुंचेगी। यहां से गहवर वन परिक्रमा स्थित मोरकुटी, दानबिहारी, कुशलबिहारी, नृत्यगोपाल, हंसगोपाल दर्शन के बाद विश्वविख्यात मंदिर श्री लाड़लीलाल जी के दर्शन करते हुए पुनः राधारस मंदिर पहुंचकर अपनी परिक्रमा पूर्ण करेगी। इसके बाद रास मंडल में पहुंचकर महारास के दर्शनों उपरांत ब्रज द्वार हाथरस पहुंचकर यात्रा संपन्न होगी। इस मौके पर उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस बार सीटिंग प्लान है। जो पहले बुकिंग कराएगा उसी को सीट नंबर के
हिसाब से उपलब्ध होगी, लेकिन जो भक्तजन सुबह साढ़े छह बजे तक नहीं पहुंच पाएंगे तो उनका स्थान किसी को भी उपलब्ध करा दिया जाएगा और तत्काल यात्रा ब्रज धाम बरसाना के लिए प्रस्थान कर जाएगी। किसी भी व्यक्ति का यात्रा इंतजार नहीं करेगी। इसलिए आप सभी समय का ख्याल रखते हुए व्यवस्था में सहयोग करें।

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