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कैसे पाएं नोवेल कोरेना वायरस से निजात ? आइए जाने

कैसे पाएं नोवेल कोरेना वायरस से निजात ? आइए जाने
-यह एक वायरस बम है और एक समय सीमा तक बहुत ज्यादा प्रभावी रहता है
-ईमानदारी से 21 के लाॅकडाउन करें पालन तो कमजोर पड़ जाएगा कोरोना
हाथरस। क्या है नोवल कोरोना वायरस ? चीन ने कैसे पाया नोवल केरोना पर काबू ? कैसे पा सकते हैं हम इस
पर काबू ? क्या-क्या बरतनी चाहिए हमें सावधानियां ? आदि बातों को यदि आप जरूरी समझते हैं तो आइए चलते हैं आगे और जानते हैं नोवल केरोना वायरस के संबंध में।

क्या है नोवल केरोना वायरस ?
जहां तक हम नोवल केरोना वायरस की बात करें तो पहले यह

वायरस है क्या ? और कैसे इसका जन्म हुआ इस पर भी प्रकाश डालना अति आवश्यक है। अब तक जो सूत्र हमको नोवल कोरोना वायरस के जहन तक ले जा पाए हैं यदि उन पर विश्वास करें तो यह कोई प्राकृतिक वायरस नहीं है। बल्कि चीन के एक केरोना नामक वैज्ञानिक का कमाल है। जानकारी हुई कि यह वैज्ञानिक अब इस दुनियां में नहीं है। उसने इस वायरस को बतौर बम के रूप में दुश्मनों पर प्रयोग करने के लिए तैयार किया था। घटना के मूल में जाएं तो जिस लैब में यह जानकारी रखी गई थी उसी लैब में एक नवोदित चीनी वैज्ञानिक से वह वोटल टूट गई जिसमें यह वायरस रखा गया था। यह घटना फरवरी के आरंभ में होना बताया गया है। इसकी मूल जानकारी तब हुई जब यह वायरस चीन में बतौर महामारी के रूप में फैला। लोगों की मौतें होना और लगातार बीमारी फैलने पर जब सनीयिर वैज्ञानिकों ने इसकी लैब में पड़ताल की तो इसके संबंध में जानकारी हुई और इस विषय में गंभीरता कार्य हुआ। हालांकि इस


जानकारी कोई प्रमाण नहीं है। जो लोग चीन जात-आते हैं उनके द्वारा बताई गई बातों पर ही यह कहा जा सकता है, लेकिन इस वायरस को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

चीन ने कैसे पाया नोवल केरोना पर काबू ?
अब विषय यह उठता है कि आखिर लाखों की संख्या में लोग इससे प्रभावित हुए और सबसे ज्यादा लोगों की मौत चीन और इटली में होना बताया गया है। मंथनीय बात यह है कि इटली को विश्व में स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को लेकर दूसरे स्थान में बताया जाता है और इस पर सबसे पहले काबू चीन ने पा लिया। चीन को इस वायरस पर काबू पाने का मुख्य कारण यह है कि उसे पूरी तारह से इल्म था कि वायरस क्या है। वह तो गलत फहमनी में इतना समय लगा, अन्यथा चीन पहले ही इस पर काबू पा लेता।

क्या हैं वैज्ञानिक तथ्य
जनकारी के मुताबिक यह वायरस हर उस व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति पर पहुंच जाता है जो इससे ग्रसित है। मान लीजिए ‘‘ए’’ व्यक्ति को पहले से ही कोरोना ने गिरफ्त में ले रखा है और वह किसी एटीएम पर कार्यरत है। सोचिए ‘‘बी’’ व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने जाता है और ‘‘ए’’ व्यक्ति जो पहले से ही कोरोना के गिरफ्त में है तो जैसे ही ‘‘बी’’ व्यक्ति उसकी गिरफ्त में आ जाएगा। मसलन अब ‘‘बी’’ व्यक्ति भी नोवल कोरोना वायरस से पाॅजीटिव हो जाएगा।

अब ‘‘बी’’ व्यक्ति कैसे करेगा इससे बचाव ? जाने
जैसे ही ‘‘बी’’ व्यक्ति को इसके लक्षण दिखाई देते हैं। पहले तो सबसे पहले उसको आइसोलेटड (एक कमरे में बंद हो जाना चाहिए। कम से कम 14 दिन तक बाहर नहीं निकलना चाहिए) हो जाना चाहिए।

कैसे फैलता है कोराना वायरस आपके शरीर में जानिए एक चायनीज की जानकारी
चीन के व्हांनगेंन सिटी निवासी एक चायनीय जो वुहान सिटी के काफी पास है, के मुताबिक नोवल केरोना वायरस धीरे-धीरे लंस में एकत्र होकर आॅक्सीजन को अंदर जाने से रोक देता है। मगर लंस में पहुंचने से पूर्व यह वायरस गले में एकत्र होता है। फिर धीरे-धीरे यह लंस में स्वांस नली में पहुंचता है और कफ के रूप में नली में जमने कार्य शुरू कर देता है। इससे पीड़ित के सारे ऐयरवेज यानी स्वांस के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं और अंत में पीड़ित दम तोड़ देता है, लेकिन यह स्वांस नली में पहुंचने ही न पाए इसके लिए चीनी सफलता बताती है कि ज्यादा से ज्यादा हल्दी का गर्म पानी या फिर अदरक, सौंठ व काली मिर्ची पड़ा गर्म पानी हर आधे घंटे बाद सेवान करना चाहिए।
मौत के कारणों पर जब चीन को पता चला कि मौते रेस्प्रेटिरी सिस्टम के कारण हो रही है। इंनफेंक्सन रेस्प्रेटिरी
R.K. Yadav
सिस्टम को बंद करता है। मसल सांस लेने वाली नलिकाओं मंे जाकर जमता है और जब तक एकत्र होता रहता है व्यक्ति की मौत न हो जाए। क्योंकि यह वायरस हवा को अंदर जाने के सभी रास्तों को बंद कर देता है, लेकिन इस की कमजोरी यह है कि यह वायरस लंस यानी स्वांस नली में जाने से पहले कम से कम तीन यह पहले गले में एकत्र होता है और अपनी शक्ति बढ़ाता है। उसके बाद स्वांस नली में पहुंचकर बलकम यानी कफ के रूप में इस तादात में कठोर रूप से जम जाता है कि आदमी स्वांस ही नहीं ले पाता और दम घुट कर उसकी मौत हो जाती है।

हाॅट लिक्युड (कर्म पेय पदार्थ) का ज्यादा से ज्यादा करें सेवन
जब हम को हल्का भी सर्दी/जुकाम हो तो हमें ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए हमको ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी का सेवन करना चाहिए। यदि वह कर्म पानी हल्दी मिक्स हो तो और बहतर है या फिर सोंठ, अदरक व काली मिर्ची का मिक्स पाउडर में उवला हुआ पानी हो तो निश्चित ही ऐसे पानी से जो थिकमिक्युस (कफ/बलगम) जमा है वह गर्म पानी के जरिए पेट में चला जाएगा और पेट में जो लिक्युड हें उसको पचा देंगे और लेट्रीन के रूप में निकल जाएंगे। यानी कोराना आप को डेड करने से पूर्व ही मर जाएगा।

ताकत की लेनी चाहिए खुराक
ताकत की खुराक का सेवन करते रहिगा इस खुराक में ज्यादा से ज्यादा सेवन विटामिन सी का अधिक होनी चाहिए।

साफ-सफाई क्या ध्यान भी विशेष प्रकार से होना चाहिए

नोवल केरोना वायरस कोई मामूली वायरस नहीं है। जैसे ही यह किसी दूसरे व्यक्ति के छूने, पास से रगड़कर निकलने या फिर छींक और खांसी के माध्यम से आपके संपर्क में आता है। जो केवल आपके शरीर में ही प्रवेश नहीं करता बल्कि आपके बालों व कपड़ों को भी जकड़ लेता है। इसलिए जब भी आप घर के अंदर जाएं सीधे बाथरूम में पहुंचे और अपने सभी कपड़ों को वाॅशिंग पाउडर के पानी में डाल दें। तत्काल अच्छे बाथ सोप से स्नान करें और हाथों को पूरी तरह से धोएं। जब अप किसी भी व्यक्ति के संपर्क में आएं।

निचोड़
यह सारे प्रयोग आज चीन अपने यहां पर कर रहा है। इसलिए ही उसने इस वायरस पर काबू पाया है और आज चीन में लाॅकडाउन भी खत्म हो चुका है और हालात अब चीन के काबू में बताए जा रहे हैं।
फर भी आप सभी को सलाह यही है कि 21 दिन के लाॅकडउन का कड़ाई से पालन करें। जिससे की जो भी वायरस भारत में आ चुका है। वह कम जोर पड़ जाए। संकल्प लीजिए कि आप 21 दिन के इस लाॅकडाउन का जिम्मेदारी के साथ पालन करेंगे। ताकि वायरस कम जोर पड़े और हमेशा के लिए खतरे के बादल हमारे यहां से छंट जाएं।

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