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ऐलोपैथी बीमारी को थामती है, होम्योपैथिक खत्म करती है और आयुर्वेद बीमारी होने ही नहीं देता

आयुर्वेद बीमार होने ही नहीं देता : पुनीत 
- आयुर्वेद दिवस 05 नवंबर को गोपाल धाम में
- विधायक, चेयरमैन व पूर्व संसद सहित किसान मोर्चा भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री रहेंगे मौजूद 
हाथरस। ऐलोपैथी बीमारी पर काम करती है, लेकिन होम्योपैथी बीमारी को जड़ से खत्म करने का माद्दा रखती। इससे भी गज़ब की बात तो यह है कि आयुर्वेद बीमार होने ही नहीं देता। क्योंकि आयुर्वेद आरंभ से अंत तक की जीवन जीने की शैली बताता है और उसका प्रथम पाठ आहार से आरंभ होता है।
        यह बातें आठवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस 2023 व धन्वनंरि जयंती के उपलक्ष्य में विश्व आयुर्वेद परिषद इकाई,  हाथरस व आरोग्यशाला, 12,  लक्ष्मी सिटी सेंटर,  हाथरस के संयुक्त तत्वावधान में स्पाइसी दाबत रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता में वैद्य पुनीत अग्निहोत्री, डाॅ. कुनाल वार्ष्णेय व डॉ. विवेक अवस्थी ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य जीवन के लिए मोटे अनाज का सेवन आवश्यक है। रेडीमेड खाद्यपदार्थ जीवन के लिए उसी तरह हैं जैसे ' आ बैल मुझे मार'। एक स्वास्थ्य जीवन के लिए मोटा अनाज और ताजा घर में ही पिसे मसाले बहुत ही आवश्यक हैं। 
        उन्होंने संयुक्त रूप से बताया कि *"आयुर्वेद प्रत्येक स्वास्थ्य,  प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक दिन"* के नाम से एक कार्यक्रम 05 नवंबर 2023 रविवार को मेंडू गेट स्थित गोपाल धाम में प्रात: 09 से सायं 06 बजे तक रखा गया है। इस के तहत धन्वतंरि यज्ञ, नि:शुल्क अग्निकर्म, जालौका, मर्म चिकित्सा, का शिविर आयोजित किया जा रहा है। 
दोपहर एक बजे से एक आयुर्वेद संगोष्ठी आयोजन भी होगा। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि रामनरेश तिवारी राष्ट्रीय मंत्री भाजपा किसान मोर्चा, विधायक श्रीमती अंजुला माहौर, चेयरमैन श्रीमती श्वेता चौधरी, पूर्व सांसद राजेश दिवाकर,  जिला आयुर्वेद अधिकारी डाॅ. नरेंद्र कुमार उपस्थित रहेंगे। जबकि अध्यक्षता डॉ. पीपी सिंह द्वारा की जायेगी।

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