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हर्बलधारा के प्राडक्ट से आलू की फसल होगी चमाचम

हर्बलधारा के प्राडक्ट से आलू की  फसल होगी चमाचम - आप भी बढ़ाना चाहते हैं अपनी फसल की पैदावार तो आप भी लगाइये हर्बलधारा का प्राडक्ट  गांव रामगढ़ में हर्बलधारा के आलू प्राडक्ट के साथ किसान लीलाधर व लीडर हरीओम शर्मा जी हाथरस। आलू से सोना बनाने की बहुत सी कहावतें आपने सुनी होंगी, लेकिन हर्बलधारा का हर्बल प्राडक्ट बाकई आलू की फसल को सोने जैसा चमका देता है।  हर्बलधारा के हर्बल खाद को प्रयोग करने से कई लाभ किसान को होते हैं। गांव रामगढ़ में हर्बलधारा के आलू प्राडक्ट के साथ किसान लीलाधर जी ● जैसे पैदावार की बढोत्तरी, ● कैमिकल से काफी हदतक बचाव,  ● मिट्टी की उर्वरा शक्ति में बढ़ोत्तरी, ● शुद्ध व चमकदार फसल, ● उत्तम पैदावार व क्वाली में अव्वल होने के कारण पैदावार का अच्छा मूल्य मिलना व ● पैदावार की अच्छी रकम मिलने से किसान के घर में खुशियों फुहार आना आदि-आदि। हर्बलधारा के प्राडक्ट से धान आदि की अच्छी फसल होने के बाद किसानों ने स्वयं आलू में लगने वाले प्राडक्ट की मांग की जा रही है। इसी के तहत हर्बलधारा के लीडर श्री हरीओम शर्मा जी ने गांव रामग...

एक मझा हुआ फोटो ही कर देता है सारी कहानी वयां: गभाना चेयरमैन

एक मझा हुआ फोटो ही कर देता है सारी कहानी वयां: गभाना चेयरमैन  -युवा संवाद कार्यक्रम में किया गया मनोज अलीगढ़ी को सम्मानित  -बच्चे देश का भविष्य, संस्कार पिरोने की अपील हाथरस/अलीगढ़। फोटो अपने आप में बहुत कुछ बोलता है। यदि उसको खींचने वाला एक मझा हुआ फोटो ग्राफर हो। कला हर व्यक्ति के अंदर होती है, लेकिन ऊसकी कला को निखारने व संवारने के लिए कोई जामवंत मिल जाए।         यह उद्गार युवा व्यक्तित्व व चेयरमैन गभाना अभिमन्यू राज सिंह ने बतौर विशेष अतिथि एसडी जाग्रती पब्लिक स्कूल में व्यक्त करते हुए कहाँ कि बदलते दौर में अलीगढ़ मंडल के जाने-पहचाने फोटो जर्नलिस्ट मनोज अलीगढ़ी ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। देश और प्रदेश के जाने-माने प्रिन्ट मीडिया के बैनरों में श्री अलीगढ़ी के कैमरे से निकले फोटुओं ने गज़ब की छाप छोड़ी है। उनके फोटोज ने  ज्यादातर गरीब और मजलूमों के दर्द को उकेर पीड़ितों की आवाज को बुलंद किया है तो प्रतिभाओं की प्रतिभा को जन जागरण में प्रस्तुत कर सम्मान की सरज़मी की नींव को मजबूत किया। युवाओं, वृद्धों और महिलाओं की मर्म कहा...

मुंबई से मुसीबत की जंग जीत कर आई बिटिया, बाल संरक्षण इकाई का सराहनीय काम

मुसीबत में फंसी बिटिया को बाल संरक्षण इकाई ने परिवारी जनों से मिलाया। - हजारों किलोमीटर दूर मुंबई (महाराष्ट्र) को मामा के यहाँ जाने निकली थी बिटिया - गलतफ़हमी से गलत ट्रेन और गलत स्टेशन जो लक्ष्य से था करीब पांच सौ किलोमीटर दूर पहुंची बाल संरक्षण इकाई द्वारा- रेलवे पुलिस की मदद से पहुंचाई बिटिया सुरक्षित स्थान पर। हाथरस। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव की नाबालिग बच्ची को हजारों किलोमीटर दूर महाराष्ट्र से मुसीबत से निकाल परिवार को सौंपने का सराहनीय काम जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या के मार्गदर्शन में संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा एवं सामाजिक कार्यकत्री प्रतिष्ठा शर्मा ने किया है। दरअसल इंटर की छात्रा रही बिटिया गर्मियों की छुट्टियों में मामा के यहाँ मुंबई (महाराष्ट्र) के लिए निकली थी, लेकिन गलतफ़हमी का शिकार हुई बिटिया गलत ट्रेन और गलत स्टेशन पर पहुंच गई। सूत्रों की माने तो वह रेलवे-स्टेशन मुंबई की अंतिम छोर पर था और उसके मामा के यहाँ से करीब पांच सौ किलोमीटर दूर था। जब परिवारीजनों को इसकी जानकारी हुई तो उनके पैरों तले की जमीन निकल गई। मामला चूंकि ...

18 भी दिन पर अध्यक्ष मौन आमरण अनशन पर

अधिवक्ताओं के मान-सम्मान की लड़ाई में अब आर या पार -18 वें दिन भी अध्यक्ष अजय रहे मौन आमरण पर - सोमवार से जिला जज की कोर्ट में कार्य ना करने के निर्णय पर एकजुटता की मोहर हाथरस। 2023 में सर्व हित में 23 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार 18 वें दिन भी डिस्ट्रिक्ट बार के अध्यक्ष अनशन पर रहे। इस पर एकजुट हुए अधिवक्ता समाज ने सोमवार से जिला जज के न्यायालय में न्यायिक कार्य ना करने का निर्णय लिया।         विदित हो डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय भारद्वाज अधिवक्ता व वादकारियों के हितार्थ मौन आमरण अनशन पर हैं। शुक्रवार को 18 वें दिन भी उनका अनशन जारी रहा। वह 23 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अप्रैल से मौन आमरण अनशन पर हैं। शुक्रवार को हुई डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की सर्व मान्य अधिवक्ता समाज की बैठक में प्रत्याशी सदस्य बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश रामसनेही यादव ने भी अपनी उपस्थित दर्ज कर इस 23 सूत्रीय मांग को लेकर अनशन का समर्थन किया। बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष चंद्रमोहन ऋषि व संचालन महासचिव पवन शर्मा ने किया। साथ ही अधिवक्ताओं ने विचार व्यक्त करते हुए ...

मयंक की मौत को नहीं समझा देश ?

मयंक की मौत को नहीं समझा देश  -मिलावट बढ़ा रही है मौत का मनोबल -मौत मसलन अंत, चाहे वह किशोर है, प्रौढ़ है या बच्चा -सभी जिम्मेदारी निभायें तो मौत असमय झपट्टा नहीं मारेगी बृजद्वार। एक 17 वर्ष के किशोर की अचानक मौत कोई मामूली घटना नहीं, लेकिन इस घटना को 'नाम' मिला साइलेंट अटैक। प्रिंट ने इसको छापा और इलेक्ट्रानिक ने इसको दिखाया। बस पत्रकारिता खत्म। मगर असली पत्रिकारिता तो यहीं से आरंभ होती है। चाटुकारिता का तो कोई माइने नहीं है, लेकिन पत्रिकारिता कहती है क्यों, कैसे और क्या कारण।          आइये आज के इस संदेश को कल के जीवन जीवन के लिए अध्ययन करते हैं। मौत अटल सत्य है, लेकिन हम संसारी प्राणी हैं और आज का समय वैज्ञानिक काल के नाम से जाना जाता है। खासकर कलयुग को बुद्धिजीवी कलिकाल यानी मशीनी व कलपुर्जों का युग कह रहे हैं। देखने में भी यही आ रहा है कि लगातार हर क्षेत्र में मशीनों का आविष्कार हो रहा है। जैसे पहले कपड़े मानव धोता था और एक अच्छा-खासा व्यायाम हो जाता था, लेकिन वाशिंग मशीन आई और व्यायाम खत्म। खाना बनाने के लिए पहले घर-घर में आटा ...

देश का सबसे बड़ा बिजनेस निकलता है रसोई से - हर्बलधारा की "आत्मनिर्भर भारत मिशन" हाथरस। नौकरी के दंश ने बिजने- नौकरी के दंश ने बिजनेस को मिटाने का किया काम: आरके यादव

देश का सबसे बड़ा बिजनेस निकलता है रसोई से - हर्बलधारा की "आत्मनिर्भर भारत मिशन" गोष्ठी में हुई हर हाथ के काम की चर्चा - नौकरी के दंश ने बिजनेस को मिटाने का किया काम: आरके यादव हाथरस। नौकरी के दंश ने बिजनेस के वंश को मिटाके रख दिया है, लेकिन हमारा पूर्ण प्रयास है कि हर हाथ को आत्मनिर्भर और हर घर में बिखरी रहे मुस्कराहट पर काम किया जाय। यह तभी संभव है कि लोगों को स्वयं के व्यापार और आत्मनिर्भरता के लिए जागरूक किया जाय।         यह उद्गार माँ सुशीला देवी फार्म हाउस, सलेमपुर, हाथरस जंक्शन पर आयोजित "आत्मनिर्भर भारत मिशन" के तहत हुई संगोष्ठी में इंदौर से पधारे हर्बलधारा के राष्ट्रीय प्रमुख आरके यादव ने बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। लीडर संजय केशव दीक्षित ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करना है तो  महिलाओं को मानसिक व यतार्थता में बराबर का स्थान देना होगा। विकसित देश के लिए महिलाओं को यतार्थता में बराबर का स्थान देने की आवश्यकता है। यह पुरुष प्रधान समाज आजतक सिर्फ बातें ही करता आया। हां परिवर्तन का दौर शुरू हुआ है, लेकिन अभी भी 70 प्...

कर्म की नौकरी पूरी तो राधा की चाकरी शुरू

कर्म की नौकरी पूरी तो राधा की चाकरी शुरू  -न्याय विभाग से सेवानिवृत्त अशोक अग्रवाल ने बरसाना मंडल के स्वागत-सम्मान में रखे उद्गार अंगवस्त्र उपहार और फूलमालाओं से लाद किया बरसाना मंडल ने स्वागत  हाथरस । नौकरी से सेवानिवृत्त मिलते ही हमने चाकरी शुरू कर दी है। जीवन के 38 साल 01 महीना 19 दिन न्यायिक सेवा में देने के बाद अब ब्रज की पटरानी की चाकरी शुरू कर दी है। प्रयास यही रहेगा कि जीवन पर्यंत तक चाकरी की चौखट पर रहें।         यह उद्गार न्यायिक सेवाओं में बतौर स्टेनो रहे अशोक अग्रवाल जी ने ब्रज बरसाना यात्रा मंडल द्वारा किये गये स्वगत-अभिनंदन से भावुक भाव व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए संजय दीक्षित एडवोकेट ने बताया कि उनके कार्मिक वृतांत के वृत्त को देखें तो अशोक जी ने अपनी कर्म यात्रा 12 अप्रैल 1984 को आरंभ की थी और 31 मई 2022 को निर्विवाद संपन्न कर ली। उनके कर्म समय में सुबह साढ़े आठ बजे से ही टाइपराइटर पर  उंगलियां दौड़ना शुरू कर देती थीं। अधिकारियों के मुखवोल फूटते ही उनकी कापी में शार्टहेंड में वह वोल लिपिबद्ध हो जाया ...