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मुंख्यमंत्री के यहां से बार बार कहने पर भी ईओ ने नहीं कराया समाधान, अब डीएम के लिए भेजी शिकायत, जांच हुई तो ईओ की कुर्सी को हो सकता है खतरा

मुंख्यमंत्री के यहां से बार बार कहने पर भी ईओ ने नहीं कराया समाधान, अब डीएम के लिए भेजी शिकायत, जांच हुई तो ईओ की कुर्सी को हो सकता है खतरा
UP (India) 26 April। आखिरकार योगीजी की जनसुनवाई योजना को भी पलीता लगाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी जा रही, लेकिन जितनी भी सराहना की जाए जनसुनवाई मुख्यमंत्री पोर्टल की कम होगी। शासन व्यवस्थाएं दुरुस्त कर सकता है, लेकिन उसके दुरुस्तीकरण को फालो और रिपेयर करने का काम प्रशासन का है। यहां पर यह भी साबित होता है कि काम अगर योग्यता के आधार पर मिलेगा तो देश चलेगा। कर्म को प्रधानता होगी तो अधिकार मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। मगर यहां एक वरिष्ठ नागरिक दंपति नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर है और नगर पंचायत प्रशासन की कुंभकरणीय निंद्रा खुलने का नाम नहीं ले रही है।
क्या है मामलाः-
‘अंधेर नगरी चौपट्ट राजा, टकाशेर भांजी टकाशेर खाजा’ यह ब्रज की यह प्राचीन कहावत इन दिनों इंडिया के उत्तर प्रदेश राज्य के जिला हाथरस की नगर पंचायत मेंडू का मामला है। डॉ.किशनलाल वार्ष्णेय निवासी मोहल्ला सुनारान अपनी शिक्षाविद् पत्नी के साथ अकेले रहते हैं। इनका आरोप है कि इनके एक गैर समुदाय पड़ोसी ने ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के तहत शौचालय के लिए नगर पंचायत प्रशासन से 8 हजार रुपये लिए थे, लेकिन शौचालय के स्थान पर उनके गेट के बाहर ही नाले में मल (लेट्रीन) बहाई जाती है। जिससे दिन में कई बार तीक्षण दुर्गंध का उनको सामना करना पड़ता है।
जिंदगी हो गई है नर्क से भी बत्तरः-
पीड़ित वरिष्ठ नागरिक दंपति का आरोप है कि जहां गेट के पास उनका रसोई है वहीं गैर समुदाय पड़ोसी ने अपने जुगाड़मेंटी शौच (लेट्रीन) की व्यवस्था कर रखी है। परेशानी होने पर उन्होंने पड़ोसी को कई बार समझाया, लेकिन योग्यता में कम पड़ोसी ने उनका उपहास उड़ाया। पीड़ित महीनों से नगर पंचायत प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन वहां पर भी कई नौकरशाह ऐसे हैं जो उस 8 हजार के बंदरबांट में शामिल हैं, इसलिए उनको टरका देते हैं। इसके लिए मुख्य जिम्मेदार अधशासी अधिकारी भी उनको गुमालते में रख रहे हैं।
दबंग ईओ की देखिए मजाल मुख्यमंत्री पोर्टल भी बनाया मजाकः-
कहा जाए तो यह एक मजाक है और समझा जाए तो यह एक दुखत और गंभीर मुद्दा है। क्योंकि ‘स्वच्छ भारत’ अभियान लोगों को स्वच्छ और भारत को स्वच्छ बनाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाया जा रहा है, लेकिन योजना के तहत 8 हजार आवंटन हो गए और शौचालय के नाम पर परसौजा रहा है गंदगी के साथ पड़ोसियों को नारगीय जीवन। इधर जब ईओ सहाब से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई तो फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
ईओ को न सीएम और न पीएम का है डरः-
पीड़ित की ओर से जब मुख्यमंत्री जनसुनवाई पर शिकायत की तो वहां से लगातार नगर पंचायत प्रशासन को समस्या समाधान के लिए निर्देशित किया जा रहा है और पीड़ित से भी पोर्टल से फीडबैक लिया जा रहा है और पीड़ित की ओर से लगातार समस्या के समाधान होने की बात कहे जाने पर अब पोर्टल संचालकों ने डीएम को समस्या के समाधान और ढिलाई वालों के लिए जांच को कहा है। 
पीड़ित की चेतावनीः-
पीड़ित का कहना है कि उनको शिकायत के बाद दबंग पड़ोसी द्वारा मारने और चोट पहुंचाकर झूठे मामले में फंसाए जाने की धमकी दी जा रही है। उनका कहना है कि अगर डीएम के सामने भी दबंगों की दबंगई चल गई तो वह नगर पंचायत परिसर में आमरण अनशन पर बैठ जाएगा।

संजय दीक्षित/नवीन कुमार वार्ष्णेय

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