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परिवार से बिछुड़ी वृद्धा को महावीर साबित हुए धीरज जैन

पहले चिकित्सक के यहां पहुंचाया और फिर बड़ी मशक्कत के बाद वृद्धा के परिवार का नंबर लेकर परिवार से मिलाया
वृद्धा और परिजनों के साथ धीरज जैन
UP (india) 01 May। जाम ने जब वृद्धा को परिजनों बिछोड़ दिया तो धीरज वृद्धा के लिए महावीर बन गए। संस्कार और सभ्यता के इस उदाहरण पर जाएं तो कहानी समासेवा की बोलती है। इसमें समाजसेवी का पार्ट प्ले किया है धीरज ने। क्योंकि उनके कारण वृद्धा परिवार से ही नहीं मिली बल्कि उनको चिकत्सिक के यहां पहुंचने पर उपचार भी मिला। बताते हैं, वृद्धा मां शायद हार्ट की प्रॉब्लम से पीड़ित थीं और घंटाघर स्थित एक वरिष्ठ चिकित्सक के यहां पर दिखाने आई थी।
सूत्रों की गवाही माने तो गायत्री देवी पत्नी स्व.मलखान सिंह उम्र करीब 82 वर्ष निवासी गांव मोहब्बतपुरा थाना हाथरस जंक्शन गुरुवार को अपने पुत्र विजयपाल सिंह व धेवते मनोज के साथ गांव मोहब्बतपुरा से हाथरस घंटाघर स्थित एक हार्ट स्पेशलिस्ट

वृद्धा से बातचीत करते हुए धीरज जैन
चिकित्सक के यहां पर दिखाने आई थीं। बताते हैं, उनको शायद हार्ट में प्रॉब्लम थी। कहानी के सूत्रधार की माने तो घटना तालाब चौराहे की है। जब वृद्धा रोने और बिलखने लगी तो कुछ लोगों ने उनको साइट कर दिया और वह धीरे-धीरे पंजाब गेस्ट हाउस पर पहुंच गई। जहां पर वरिष्ठ भाजपाई धीरज जैन ने जब वृद्धा को देखा तो उनका ह्दय विदीर्ण हो गया और उन्होंने प्रयास शुरू कर दिए। पहले तो उन्होंने वृद्धा को घंटाघटर स्थित डॉ.मुरारीलाल के यहां पर ले गए और फिर बड़ी मशक्कत के बाद वृद्धा के परिजनों की जानकारी की तो वह गांव मोहब्बतपुरा की निकलीं। वृद्ध तो मोहब्बतपुरा की थी, लेकिन धीरज के मोहब्बती प्रयासों से आज वह अपने परिजनों के पास हैं। इस कार्य के लिए धन्यवाद।


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