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इन चयनियतों पर योगी सरकार करेगी पांच लाख खर्च, पूरे राज्य में करोड़ों की योजना में आने वाले अभ्यार्थियों के खिले चेहरे

इन चयनियतों पर योगी सरकार करेगी पांच लाख खर्च, पूरे राज्य में करोड़ों की योजना में आने वाले अभ्यार्थियों के खिले चेहरे
सरकार के मिशन में शामिल एक अभ्यार्थी को यूपी
सरकारी योजना की जानकारी देते गोपाल चतुव्रेदी
UP Hathras 23 May। सरकार की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (पीआरएसएसम) योजना शुरु हुई तो कुछ परिवारों की तो बल्ले-बल्ले होने वाली है। क्योंकि सरकार चयनित परिवारों के लिए प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये अस्पतालों के लिए रखेगी। इस योजना के तहत चयनित परिवारों को सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में नगर रहित देखभाल मिलेगी। इसके लिए सरकार ऐसे परिवारों के लिए किसी प्रकार का कार्ड भी जारी कर सकती है।
क्या है सरकार की योजनाः-
राज्य सरकार द्वारा जारी इस योजना का नाम प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (पीआरएसएसम) रखा गया है। इसके तहत चयनित परिवारों को पांच लाख रुपये तक का नगर रहित उपचार किसी भी सार्वजनकि या निजी अस्पतालों में मिलता रहेगा।
विद्यासागर विकल पालिका अधिकारी
पालिका ने किया ऐसे चयनित परिवारों का सर्वे शुरूः-नगर पालिका में तैनात अधिकारियों में विद्यासागर विकल व गोपाल चतुर्वेदी ने अपने-अपने वार्डों में सर्वे शुरू कर ऐसे चयनित परिवारों के मुखियों से मिलकर यह जानकारी दी कि आपका नाम प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन (पीआरएसएसम) में आ गया है। यह सुनकर चयनित परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इस संबंध में 27 मई को पालिका में होगी बैठकः-
मिशन के संबंध में पालिका अधिकारी विद्यासागर विकल ने जानकारी दी कि इसके लिए चयनित परिवारों को एक फार्म भरना होगा। वह फार्म क्षेत्र की बीएलओ उपलब्ध कराएंगे। हालांकि इस संबंध में एक जागरूकता बैठक का आयोजन भी नगर पालिका परिषद, हाथरस में होने जा रही है। जिसमें सभी चयनित परिवारों के मुखिओं और सदस्यों को मिशन का लाभ लेने हेतु उपस्थित होना पड़ेगा।
वार्ड 26 के मिशन सचेतक दी यह जानकारीः-
गोपाल चतुर्वेदी पालिका अधिकारी
पालिका के भ्रमण अधिकारी गोपाल चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि सरकार का यह मिशन गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले उन लोगों के लिए है जो किसी भी बीमारी या अन्य आपदा में रहते हुए अपना या परिवार के किसी सदस्य की छोटी से छोटी या भयंकर बीमारी का इलाज करा पाएंगे। इस बीमारी के उपचार या देखभाल के लिए नगर रहित व्यवस्था होगी। इसके लिए अभ्यार्थियों को फार्म भरना होगा और अपने आपको यह साबित करना होगा कि वह वाकई इस मिशन के लिए पात्र अभ्यिर्थी है।
क्या कहते है चयनित अभ्यिर्थीः-
वीरेंद्र कुमार वार्ष्णेय
ज्वैलर्स, चयनित अभ्यार्थी
इस मिशन में शामिल किए गए एक अभ्यिर्थी से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनका नाम वीरेंद्र कुमार वार्ष्णे हैं। पैसे से वह ज्वैलर्स हैं स्वर्ण-आभूषणों के विक्रेता हैं। वह सरकार की इस का स्वागत करते हैं और मिशन में उनको चयनित करने पर वह परिवार सहित काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि अब किसी भी प्रकार की शरीरिक परेशानी के लिए वह अपने किसी भी सार्वजनिक और निजी चिकित्सालयों में परीक्षण करा के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

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  1. पात्रों को ही मिलना चाहिए लाभ

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