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बॉल के पारखी, पाक के पुरोधा की आज यह दशा, नमन है बाजपा के बजरंगियों को और यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स को

बॉल के पारखी, पाक के पुरोधा की आज यह दशा, नमन है बाजपा के बजरंगियों को और यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स को
बागला जिला चिकित्सालय में भाजपा न0अ0 मूलचंद्र
वार्ष्णेय व उनकी टीम मरीज प्रवेश के साथ
UP (India) 11 May। जिसकी बॉलों से अच्छे-अच्छे बल्ले वाजों के छक्के छूट जाया करते थे, जो फिल्डिंग का बाजीगर था आज वक्त के शिकंजे ने उसकी जिंदगी को ही गुमनाम कर दिया। लेकिन भाजपा के बजरंगियों ने और ह्यूमन राइट्स की जुगलबंदी ने आज वह कार्य किया जो आज के वक्त में सगे भी नहीं करते। नमन है उस सोच को, नमन है उस सहयोग को और नमन है उस संस्था को जो जरूरत पर अमूल्य खून जैसी आवश्यकताओं को उपलब्ध कराती है।
क्या है पूरा मामलाः-
एक सख्श निहायती कमजोर और सहाय। जिसको तत्काल उपचार की आवश्यकता थी। हालत ज्यादा बिगड़ी तो यह खबर केसे भी भाजपा नगराध्यक्ष मूलचंद्र वार्ष्णेय के कानों तक पहुंची। सूत्र बताते हैं, कि उन्होंने तत्काल अध्यक्ष जैसे पद जज्ज्बा दिखाया और अपने
बागला जिला चिकित्सालय में भाजपा
न0अ0 मूलचंद्र वार्ष्णेय व उनकी टीम 
अन्य पदाधिकारियों जिसमें मीडिया प्रभारी यतेंद्र वार्ष्णेय, नगर महामंत्री अशोक गोला व महामंत्री मुकेश राणा ने तत्काल मरीज को एक वाहन से बागला जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। मरीज की हालत ज्यादा खराब थी। उसको तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। बातदें कि बाद में पता चला कि पीड़ित का नाम प्रवेश पुत्र कालीचरन निवासी चामड़ गेट है और वह पूर्व में एक अच्छे क्रिकेटर के रूप में खेलते थे और एक अच्छे पाकशास्त्री भी हैं।
ह्यूमन राइट्स ने फिर किया खून का दानः-

रक्तदान करते मुकेश सिंह वर्मा 
बिगबी अमिताव की एक फिल्म में गाना है कि ‘‘जिसका कोई नहीं है उसका खुदा है यारो’’ ठीक इस गाने के बोलों को एक बार फिर से चरितार्थ करते हुए यूनीवर्सल ह्यूमन राइट्स ने फिर से यह सिद्ध किया कि जनसेवा छपास की प्यास से नहीं बल्कि सच में कार्य करने से होती है। बातदें कि जब भाजपाइयों ने ह्यूमन राइट्स के प्रवीण वार्ष्णेय से संपर्क किया और बताया गया कि मरीज को ओ पॉजीटिव खून का आवश्यकता है। जो ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं है तो प्रवीन जी ने तत्काल तलाश किया तो मुकेश सिंह वर्मा जी जो संस्था के उपाध्यक्ष भी हैं, का ओ पॉजीटिव खून था। उन्होंने आवश्यकतानुसार प्रवेश को खून दिया।
घटना की जानकारी होते ही लोगों में दोनों ही संस्थाओं के कार्यकर्ताओं की सराहना का दौर चल पड़ा है। सराहना करने वालों में रमेशचंद्र राजपूत, विट्टू वार्ष्णेय, श्यामसुंदर राना, शेखर वार्ष्णेय, हेमंत शर्मा, दीपक राना, आशीष गुप्ता, दीपक रफी, संजय ग्रोवर आदि दर्जनों लोग शामिल हैं।

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