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गर्मी में ठंडे पानी से कलेजे में ठंडक, आश्वासन से टैक्स मुद्दा भी पड़ा ठंडा

गर्मी में ठंडे पानी से कलेजे में ठंडक, आश्वासन से टैक्स मुद्दा भी पड़ा ठंडा
मोबाइल पानी बैंक से निःशुल्क पानी लेते लोग
UP (India) 08 May। रात में भी सड़कों पर सफाई दिन में प्यासे को पानी। पालिका में पालन हो रही सफलता की कहानी। यह किसी शायर की शायरी नहीं है और ना हीं किसी की कविता है। बस यूंही मुंह से निकले बोल समझो या फिर वक्त की हकीकत। है तो कुछ ऐसा है।
जी हां! कहावत है जो दिखता है वह विकता है। असफलता का अनादर होता है और सफलता सफलीजामा। अर्थात प्लानिंग कहो या फिर पूर्वानुमान मतलब सिर्फ एक ही है वक्त को समयानुसार सजा देना है। ऐसा ही कुछ नगर पालिका में देखने मिल रहा है। अगर इसको राजनीति से हटकर देखा जाए तो पब्लिक पागल नहीं है। एक टीवी सीरियल नंबरिंग गाना भी है कि यह पब्लिक है सब जानती है। पब्लिक को काम चाहिए और नेता को गीरी। पब्लिक सख्शियत देखती है सक्ल नहीं। पालिका में सड़को की सफाई में सुधार दिखाई देता है। स्ट्रीट लाइट में
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भी सुधार है। अब पड़ी गर्मी तो प्यासे को क्या चाहिए पानी और वही भी अगर ठंडा हो और बढ़िया उसमें भी अगर मीठा पानी हो तो सोने में सुहागा। सहाब यह तो दिखाई दे रहा है। रही बात बकाया कामों की तो वह भी धीरे-धीरे सुधरेंगे।
क्या हैं बकाया कामः-
बार्ड 26 से भाजपा
सभासद पवन वार्ष्णेय
थोपा गया टैक्स जी हां हाथरस की जनता पर जो पूर्व चेयरमैन के काल में जो टैक्स थोपा गया उस पर एक ही कहानी साबित होती है कि राजा-मंत्री राजी तो क्या करेगा काजी। यहां पर काजी का मतलब पब्लिक है। पब्लिक को यह भरोसा दिया गया था कि टैक्स को माफ किया जाएगा, लेकिन कानून विदों से बात की जाए तो यह टैक्स माफ नहीं हो सकता, लेकिन कुछ तो हो सकता है, लेकिन क्यों नहीं हो रहा है। अब पब्लिक को इसके जबाव का इंतजार है। उम्मीद करते हैं जबाव भी जल्द मिलेगा। फिलहाल तो करेजा तर कीजिए और ठंडा पानी पीकर उम्मीद को वस्ते में दवाए रखिए।
क्या कहते हैं सभासद नेताः-
बार्ड 26 से भाजपा सभासद पवन वार्ष्णेय कहते हैं कि तत्कालीन पालिका बोर्ड में टैक्स बढ़ोत्तरी का मामला फिलहाल स्थिगत कर दिया। जानकारी मिल रही है कि इसको पुनः बोर्ड में लाया जाएगा और सुधारात्मक टैक्स दरों को लागू करते हुए पब्लिक के हितों को भी ध्यान में रखा जाएग।

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