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आरक्षण की आड़ में चल रही राजनीति के विरुद्ध यूपी के हाथरस में विगुल बज गया, जुलूस निकाल ज्ञापन सौंपा

आरक्षण की आड़ में चल रही राजनीति के विरुद्ध यूपी के हाथरस में विगुल बज गया, जुलूस निकाल ज्ञापन सौंपा
ज्ञापन देने से पूर्व कलेक्ट्रेट के डीएम ऑफिस के बार खड़े प्रदर्शनकारी
UP Hathras 25 जून, 18। आरक्षण की आड़ में चल रही राजनीति के खिलाफ आखिरकार यूपी के हाथरस शहर में दर्जनों की संख्या में संगठन और दल एक मंच पर एकत्र हो गए। नगर पालिका में एकत्र हुए काफी संख्या में लोगों ने पहले तो पूरे शहर में शांति मार्च निकाला और बाद में डीएम को ज्ञापन सौंप आरक्षण अंकुश लगाए जाने की मांग कर प्रतिभाओं के साथ हो रही खिलवाड़ के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व ब्राह्मण एकता परिषद के आह्वान पर आरक्षण की आग में
डीमए को ज्ञापन सौंप अपनी बात डीएम के समक्ष रखते लोग
नरनारायण सेवासंस्थान के
 अध्यक्ष प्रशांत शर्मा अपने
सकड़ों समर्थकों के साथ
नगर पालिका परिषद में
जल रहे देश पर विरोध रूपी पानी डालने का कार्य कई दलों और संगठनों ने किया। बतादें कि सोमवार को सुबह करीब 9 बजे से ही सर्वजन हिताय संरक्षण समिति, अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा, ब्राह्मण एकता परिषद, अपना क्लब, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, स्वायो, नरनारायण सेवा संस्थान, राष्ट्रवादी पार्टी सहित अन्य और संगठनों से जुड़े तमाम लोग नगर पालिका परिषद के प्रांगड़ में एकत्र होने लग गए थे। यहां पर सैकड़ों की तादाद में हाथों में लगी आरक्षण के विरोध में तख्तीया और आरक्षण विरोधी लिखी पट्टिकाएं व हाथ में काले झंड़े दिखाई दे रहे थे।
सुबह करीब दस बजे लोग सैकड़ों वाहनों पर सवार होकर नगर पालिका परिषद से शांति मार्च के रूप में नगर में निकल पड़े। जो तालाब चौराहा, पंजाबी मार्केट, बैनीगंज, घंटाघर, नजिहाई बाजार, रूई की मंड़ी, लोहट बाजार, पत्थरबाजार, पसरट्टा बाजार, गुड़हाई बाजार, क्रांति चौक व सासनी गेट आदि बाजारों में विरोध भ्रमण करते हुए यह सभी मथुरा मार्ग स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे। जहां पर डीएम को ज्ञापन सौंप कर अपना विरोध जताया और आरक्षण को देश के लिए महान घातक बताते हुए केंद्र सरकार की आरक्षण में प्रमोश की पहल को देश के अहित में बताया। जबकि 20 जनवरी, 2020 तक लागू आरक्षण को आगे न बढ़ाए जाने और संबिधान के अनुच्छेद 334 के तहत स्वतः ही समाप्त होने की अवधि को रोकने के लिए सभी से मांग की। आरक्षण के विरोध में हाथरस में कड़ा विरोध दिखाई दिया।

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