Skip to main content

नारी शक्ति की पहल पर फिर से केंद्र में बनेगी भाजपा की सरकारः बबिता चौहान

नारी शक्ति की पहल पर फिर से केंद्र में बनेगी भाजपा की सरकारः बबिता चौहान
हाथरस 12 अगस्त। अब हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभाएं दिखा रही हैं। कहीं पर महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। जबकि जनहित में किए जा रहे पार्टी हितार्थ कार्यों में भी महिलाओं का भी भरपूर सहयोग और साथ है। आने वाले लोकसभा चुनावों में भी महिला
ओं को किसी कदम पर पीछे नहीं रहना है। महिलाओं के द्वारा बढ़चढ़ कर सहयोग और समर्थन से ही 2019 में भाजपा की फिर से केंद्र में सरकार बनेगी और विरोधियों के मंसूबों पर पानी फिर जाएगा।
यह उद्गार भाजपा महिला मोर्चा की ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष बबिता चौहान ने यहां ओढ़पुरा तिराहा स्थित भाजपा के कैंप कार्यालय संगठन की बैठक लेते हुए व्यक्त किए। उन्होंने नारी शक्ति का आह्वाहन किया कि उठो और जागो, सोचो और पहल करो, अपनी शक्ति को पहचानो और विकास में अपना अहम स्थान बनाकर फिर से कीर्तिमान स्थापित करो। उन्होंने बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया और लोकसभा के वर्ष 2019 में होने वाले चुनावों में अपनी पहल और भूमिका पर फिर से भाजपा को सत्ता में लाने की अपील भाजपा महिला मार्चो की सभी बहनों से किया। इस मौके पर उन्होंने जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता की भी जमकर तारीफ की और कहा कि श्रीमती गुप्ता जैसी महिलाओं के कारण भी संगठन की मजबूती बनी हुई है। इससे पूर्व श्रीमती चौहान का संगठन की सदस्याओं ने फूलमालाओं से लाद कर उनका स्वागत किया।
महिला मोर्चा की बैठक में श्रीमती कुसुम गुप्ता,
अंजू दीक्षित व संतोष जोशी आदि कार्यकर्ताएं
बैठक में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता, ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष बबिता चौहान व उनके साथ ऋतु साहनी, मीना खट्टर, कुसुम गुप्ता, अंजू दीक्षित, संतोष जोशी सुनीता वर्मा, अंजु उपाध्याय, सारिका वार्ष्णेय, संध्या आर्य, स्मृति पाठक, प्रमोद कुमारी सेंगर, बबिता वर्मा, शकुंतला गौतम, मूलचंद्र वार्ष्णेय नगराध्यक्ष भाजपा, पूर्व अध्यक्ष मोरमुकुट गुप्ता पूर्व अध्यक्ष, अशोक कुमार, प्रेमचंद्र गुप्ता, दुर्गेश वर्मा, गिरीश कुमार सेंगर, मीरा कश्यप् आदि भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्तागण मौजूद थे।
रिपोटिंग
नवीन कुमार वार्ष्णेय

Comments

Popular posts from this blog

‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’

हनुमान जी की कृपा से गुसांई बाबा को चित्रकूट के घाट पर प्रभु के दर्शन होते हैंःगौरांग जी महाराज UP Hathras11 जून, 18। चित्रकूट का घट है और गोस्वामी बाबा पथर की एक सिला पर चंदन घिर रहे हैं। कथा प्रवचन करते व्यासपीठ गौरांग जी महाराज इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके स्वामी आएंगे और मिलन होगा। अचानक वहां पर दो सुकुमार आते हैं और तुलसीदास से चंदन की मांग करते हैं, लेकिन प्रभु मिलन की आस में वह दोनों ही सुकुमारों से चंदन की मना करते हैं। महावीर जो देख रहे थे पहचान गए कि अभी भी तुलसीदास स्वामी को नहीं पहचान रहे। श्री रामदबार मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा श्रवण करते श्रद्धालुजन कथा श्रवण करते बैंक अधिकारी कथा के दौरान आचार्य गौरांग जी महाराज इस मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि कहीं फिर से तुलसीदास प्रभु दर्शन से न चूक जाएं। इसलिए पेड़ की एक डाल पर तोते का रूप धर कर हनुमान जी कथा श्रवण करते सेवानिवृत्त रोडवेज अधिकारी कहते हैं ‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’ यह दोहा सुनते ही गोस्वामी तुलसीदास का ज्ञानतंत्र जाग्रित हुआ। ध...

बिजली चोरों को भनक भी नहीं लगी, मध्य रात्रि में पहुंच गई विजलेंस टीम, 34 बिजली चोरों के खिलाफ हुई रिपोर्ट दर्ज

बिजली चोरों को भनक भी नहीं लगी, मध्य रात्रि में पहुंच गई विजलेंस टीम, 34 बिजली चोरों के खिलाफ हुई रिपोर्ट दर्ज  UP (India) 11 May। गुरुवार की रात में चेंकंग करती विजलेंस टीम सभी सो रहे थे और टीम चेकिंग में मशगूल थी। चोरों को भी यह पता नहीं था कि उनकी पोल खुलने रही है और फिर क्या था। रात को जब चकिंग समाप्त हुई तो विद्युत चोरों के पास उनकी चोरी का परिणाम था। टीम ने हाथरस शहर के अंदर कई क्षेत्रों में की गई छापेमारी में 34 विद्युत चोरों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। सावधान! अगर आपकी विद्युत चोरी की प्रवृत्ति बन चुकी है तो छोड़ दो। अगर आपके अंदर लोभ का वास है और विद्युत की चोरी कर कुछ पैसे बचाना चाहते तो उस लोभ को छोड़ दो। क्योंकि यह लोग आपके लिए काफी मंहगा साबित होने वाला है। पूछो क्यों ? क्योंकि चोरी करोगे तो एक बार की छापेमारी में आपका दिवाला निकल कर सामने आ जाएगा। कारण चोरी करोगे कुछ दिन, लेकिन पैसा पूरो वर्षभर का देना पड़ेगा। मतलब हजारों का जुर्माना। कहने का मतलब है कि सरकार की सख्ती वैसे ही नहीं है। इसलिए ही सख्ती है कि लोगों पर ज्यादा लोड़ न पड़े और लोग अधिक लोड़ से बच सकें...

हाथरस की यह मजबूरी सिर्फ 35 किमी की दूरी

हाथरस की यह मजबूरी सिर्फ 35 किमी की दूरी -बाहरी प्रत्याशियों का दंश झेलता आ रहा है हाथरस -1984 तक कांगे्रस पर महरवान रही हाथरस की तनजा तो 1991 से भाजपा के प्रत्याशी को ही चुन कर संसद भेज रही जनता  संजय दीक्षित हाथरस। ‘‘अरे हाय हाय ये मजबूरी ये मौसम और ये दूरी, मुझ पल पल है तड़फाये एक दिना......’’ फिल्म ‘‘रोटी कपड़ा और मकान’’ के गाने के यह बोल लोकसभा हाथरस पर भी सटीक बैठते हैं। क्योंकि क्षेत्र की समस्या व लोगों की पीड़ा के निराकरण को अब तक हुए लोकतंत्र के 17 समरों को प्रतिनिधित्व 17 में 12 वार वाहरी लोगों को सौंपा गया है। मजे की बात तो यह है कि यह 18 लोकतंत्र के इस यज्ञ में 18 वीं वार भी आहूतियां देने के लिए लोकल प्रत्याशियों का पूर्णतः अभाव दिखाई दे रहा है। हाथरस के प्रथम सांसद नरदेव स्नातक को दुर्लभ चित्र यह हाथरस की पीड़ा ही कही जा जा सकती है कि लोकसभा के लिए यहां के मतदाताओं को अब तक 17 वार हुए मतदान में 12 वार वाहरी प्रत्याशियों को सांसद बनाकर लोकसभा भेजा है। लोगों के बोलों से निकली बातों पर जाएं तो यह सबसे बड़ी पीड़ा है कि हर विधानसभा और लोकसभा का एक अलग-अलग भौगो...