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कोराना एलर्टः-न्यायालय पर स्वास्थ्य विभाग की नजर में होकर गुजरेगा हर व्यक्ति

न्यायालय पर स्वास्थ्य विभाग की नजर में होकर गुजरेगा हर व्यक्ति
-न्यायिक अधिकारियों से मिला अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल
न्यायिक अधिकारियों से मिलकर बाहर निकलता
 अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल
हाथरस। कोरोना वायरस को लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय पर भी बार और बैंच दोनों ही गंभीर दिखाई दिए। जिला जज की देखरेख में न्यायिक कर्मचारियों और अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बचाव के तरीके बताए तो ज्योइंट सेकेट्री विनीत शर्मा व प्रेस प्रवक्ता संजय दीक्षित के साथ अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल ने न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों का कहना है कि बुधवार से स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना से जूझने के लिए मुस्तैद रहेगी।
सेशन कोर्ट से बाहर निकलता अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल
29 July 2019.jpg सूत्रों की माने तो हाईकोर्ट प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिला एवं सत्र न्यायालयों पर मंगलवार 16 से 21 मार्च तक आवश्यक कार्यों को ही प्रमुखता दी जाए। जबकि स्वच्छता और सफाई के लिए खासतौर पर ध्यान रखा जाए। इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट, अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सीएमओ/सीएमएस की मदद से न्यायालय में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों की थर्मल स्कैचिंग जांच होनी चाहिए। जिसके चलते मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के सभी न्यायालयों और कार्यालयों में सतर्कता वरती गई। जबकि बार की ओर से जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत सारस्वत के निर्देश पर एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला जज से मुलाकात की।
प्रतिनिधि मंडल द्वारा अधिवक्ताओं की स्वास्थ्य व वायरस से सुरक्षा के संबंध में रखी गई बातों को जिला जज विवेक सांगल ने गंभीता से लिया। उन्होंने बताया कि इसके संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है बुधवार से यहां पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रयोग करते हुए कोरोना वायरस से सुरक्षा के इंतजामात किए जाएंगे। खासतौर से इस संबंध में कार्य देख रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष जैन से भी प्रतिनिधि मंडल मिला। उन्होंने बताया कि आज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न्यायिक कर्मचारियों को सतर्कता अभ्यास कराया है। कल से बार में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम सतर्कता अभ्यास करा सकती है।
प्रतिनिधि मंडल खासतौर से प्रेस प्रवक्ता संजय दीक्षित, ज्योइंट सैक्रेट्री विनीत शर्मा, सुधीर चैधरी, रोहित दुबे, निष्कर्ष गोस्वामी, शिवाकान्त शर्मा, महेंद्र सिंह दिवानीय, प्रवीण चैधरी, यतीश शर्मा, मदन मोहन, हेमंत वाष्र्णेय, संजय, अरुण सिसोदिया, देवेश दीक्षित, सुलेमान खान, संजीत व अमृत राज आदि अधिवक्ता मौजू थे।

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