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8 वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 8 वर्ष बाद 14 वर्ष का सश्रम कारावास

बच्ची के दुष्कर्मी को 14 वर्ष का सश्रम कारावास
-अर्थदंड से भी दंडित किया है
हाथरस। 8 वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म के एक मामले में सेशन न्यायालय ने दोषी को 14 वर्ष के सश्रम कारावास और 50,000 अर्थदंड से दंडित किया है। 
         अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 28 अप्रैल 2012 की है। घटना को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से थाना सासनी में महमूदपुर निवासी सतीश ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था की घटना की रात उसकी 8 वर्षीय पुत्री उसी के पास सो रही थी। अचानक जब आंख खुली तो बच्ची उसके पास नहीं थी। उसने पत्नी व  ग्रामीणों के साथ बच्ची को तलाशा तो कुछ दूरी पर एक बिटोरे के पास उसकी बच्ची के साथ एक युवक गलत कार्य कर रहा था। बच्ची लहूलुहान थी आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। आरोपी ने अपना नाम अनिल पुत्र हरी सिंह जाटव निवासी नगला अलगर्जी थाना हाथरस गेट बताया। घटना के संबंध में थाना पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोप-पत्र सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्राथमिक सुनवाई के बाद मामले को सत्र परीक्षण के लिए सेशन न्यायालय भेजा गया। जहां अपर 

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जिला न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह वीरवाल त्वरित न्यायालय प्रथम  के न्यायालय में सत्र परीक्षण में अनिल को दोषी पाया गया। अभियोजन की ओर से मुकेश कुमार चौधरी अपर शासकीय अधिवक्ता ने आरोपी को कठोर से कठोर दंड की मांग की। न्यायालय ने अपने आदेश में अनिल को 14 वर्ष के सश्रम कारावास और 50,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि एक अन्य धारा में भी उसको 2 वर्ष का कारावास बतौर दंड दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार चौधरी ने पैरवी की है।

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