Skip to main content

800 सौ लोग नहीं करेंगे 20 को मतदान

-दूसरे दिन भी स्वर्णधाम में हुआ प्रदर्शन और जमकर हुई विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी
-लोगों ने विधुत विभाग को प्राइवेट सेक्टर में देने की उठाई मांग
प्रदर्शन करते स्वर्णधाम के वाशिंदे

सासनी। नाम स्वर्णधाम काॅलोनी, लेकिन नलों में पानी नहीं, बल्व हैं, लेकिन उनमें रोशनी नहीं। 100 से अधिक मकान हैं, लेकिन सामान्य जीवन-यापन नहीं। अधिकारी हैं, लेकिन सुनते नहीं। नेता हैं लेकिन काम नहीं तो फिर वोट किस बात के लिए। हम 20 को नहीं करेंगे मतदान।       
 यह हम कोई कहानी नहीं सुना रहे सहाब। यह सासनी के आगरा-अलीगढ़ रोड स्थित बिजली घर के सामने बसाई गई एक कोलोनाइजर की वह काॅलोनी है जिसके वाशिंदों जगह बेचते हुऐ तमाम वायदे तो किये गये थे, लेकिन यहां के वाशिंदे आज बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं। इसका सिर्फ एक ही कारण है कि अधिकारियों को सुविधा-शुल्क नहीं मिला और कोलोनाइजर अपनी जिम्मेदारी निभाना नहीं चाहता। परेशान स्वर्णधामवासियों ने भी गांधीगीरी का मूड बना लिया है। आज लगातार दूसरे दिन लोगों ने प्रदर्शन किया और नारा दिया कि *"सपोर्ट नहीं तो वोट नहीं"* काॅलोनी में करीब वर्तमान में 100 मकान से अधिक बने हुये हैं और लगभग 1000 से भी अधिक लोग निवास करते हैं। साथ ही काॅलोनी में करीब 800 मतदाता हैं। सभी का आरोप है कि विभाग के उपखणंड अधिकारी व अधिसाशी अभियन्ता आदि ने मिलीभगत से काॅलोनी कनेक्शन देने से मना कर दिया है। उनका यह भी आरोप है कि यह ही विभाग प्राइवेट सेक्टर में होता तो सारे विधान पूरे हो जाते और एक दिन दिक्कत नहीं होती।*काॅलोनी वाशिंदों ने लिया निर्णय नहीं करेंगे वोट*हम समाप्त स्वर्ण निवासी काफी परेशान व दुःखी होकर समूहिक रूप से यह निर्णय लेते हैं कि आगामी विधानसभा चुना का पूर्णतः बहिष्कार करेंगे और भविष्य में विद्युत विभाग के खिलाफ आहिंसात्मक रुप आनंदोलन करेंगे।

Comments

Popular posts from this blog

‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’

हनुमान जी की कृपा से गुसांई बाबा को चित्रकूट के घाट पर प्रभु के दर्शन होते हैंःगौरांग जी महाराज UP Hathras11 जून, 18। चित्रकूट का घट है और गोस्वामी बाबा पथर की एक सिला पर चंदन घिर रहे हैं। कथा प्रवचन करते व्यासपीठ गौरांग जी महाराज इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके स्वामी आएंगे और मिलन होगा। अचानक वहां पर दो सुकुमार आते हैं और तुलसीदास से चंदन की मांग करते हैं, लेकिन प्रभु मिलन की आस में वह दोनों ही सुकुमारों से चंदन की मना करते हैं। महावीर जो देख रहे थे पहचान गए कि अभी भी तुलसीदास स्वामी को नहीं पहचान रहे। श्री रामदबार मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा श्रवण करते श्रद्धालुजन कथा श्रवण करते बैंक अधिकारी कथा के दौरान आचार्य गौरांग जी महाराज इस मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि कहीं फिर से तुलसीदास प्रभु दर्शन से न चूक जाएं। इसलिए पेड़ की एक डाल पर तोते का रूप धर कर हनुमान जी कथा श्रवण करते सेवानिवृत्त रोडवेज अधिकारी कहते हैं ‘‘चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घिसत और तिलक लैत रघुवीर।।’’ यह दोहा सुनते ही गोस्वामी तुलसीदास का ज्ञानतंत्र जाग्रित हुआ। ध...

बिजली चोरों को भनक भी नहीं लगी, मध्य रात्रि में पहुंच गई विजलेंस टीम, 34 बिजली चोरों के खिलाफ हुई रिपोर्ट दर्ज

बिजली चोरों को भनक भी नहीं लगी, मध्य रात्रि में पहुंच गई विजलेंस टीम, 34 बिजली चोरों के खिलाफ हुई रिपोर्ट दर्ज  UP (India) 11 May। गुरुवार की रात में चेंकंग करती विजलेंस टीम सभी सो रहे थे और टीम चेकिंग में मशगूल थी। चोरों को भी यह पता नहीं था कि उनकी पोल खुलने रही है और फिर क्या था। रात को जब चकिंग समाप्त हुई तो विद्युत चोरों के पास उनकी चोरी का परिणाम था। टीम ने हाथरस शहर के अंदर कई क्षेत्रों में की गई छापेमारी में 34 विद्युत चोरों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। सावधान! अगर आपकी विद्युत चोरी की प्रवृत्ति बन चुकी है तो छोड़ दो। अगर आपके अंदर लोभ का वास है और विद्युत की चोरी कर कुछ पैसे बचाना चाहते तो उस लोभ को छोड़ दो। क्योंकि यह लोग आपके लिए काफी मंहगा साबित होने वाला है। पूछो क्यों ? क्योंकि चोरी करोगे तो एक बार की छापेमारी में आपका दिवाला निकल कर सामने आ जाएगा। कारण चोरी करोगे कुछ दिन, लेकिन पैसा पूरो वर्षभर का देना पड़ेगा। मतलब हजारों का जुर्माना। कहने का मतलब है कि सरकार की सख्ती वैसे ही नहीं है। इसलिए ही सख्ती है कि लोगों पर ज्यादा लोड़ न पड़े और लोग अधिक लोड़ से बच सकें...

हाथरस की यह मजबूरी सिर्फ 35 किमी की दूरी

हाथरस की यह मजबूरी सिर्फ 35 किमी की दूरी -बाहरी प्रत्याशियों का दंश झेलता आ रहा है हाथरस -1984 तक कांगे्रस पर महरवान रही हाथरस की तनजा तो 1991 से भाजपा के प्रत्याशी को ही चुन कर संसद भेज रही जनता  संजय दीक्षित हाथरस। ‘‘अरे हाय हाय ये मजबूरी ये मौसम और ये दूरी, मुझ पल पल है तड़फाये एक दिना......’’ फिल्म ‘‘रोटी कपड़ा और मकान’’ के गाने के यह बोल लोकसभा हाथरस पर भी सटीक बैठते हैं। क्योंकि क्षेत्र की समस्या व लोगों की पीड़ा के निराकरण को अब तक हुए लोकतंत्र के 17 समरों को प्रतिनिधित्व 17 में 12 वार वाहरी लोगों को सौंपा गया है। मजे की बात तो यह है कि यह 18 लोकतंत्र के इस यज्ञ में 18 वीं वार भी आहूतियां देने के लिए लोकल प्रत्याशियों का पूर्णतः अभाव दिखाई दे रहा है। हाथरस के प्रथम सांसद नरदेव स्नातक को दुर्लभ चित्र यह हाथरस की पीड़ा ही कही जा जा सकती है कि लोकसभा के लिए यहां के मतदाताओं को अब तक 17 वार हुए मतदान में 12 वार वाहरी प्रत्याशियों को सांसद बनाकर लोकसभा भेजा है। लोगों के बोलों से निकली बातों पर जाएं तो यह सबसे बड़ी पीड़ा है कि हर विधानसभा और लोकसभा का एक अलग-अलग भौगो...